अब कार्बेट पार्क में बाघ देखने के लिए किस्मत के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो जल्द ही कार्बेट टाइगर रिजर्व में टाइगर सफारी बनाई जाएगी। इससे पर्यटकों को पार्क से निराश होकर नहीं लौटना पड़ेगा।
इसके लिए अब केवल स्थलीय निरीक्षण होना बाकी है। निरीक्षण में स्थान पास होते ही टाइगर सफारी को हरी झंडी मिलने के साथ आगे की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
कार्बेट पार्क के निदेशक समीर सिन्हा ने बताया कि टाइगर सफारी सीटीआर के दक्षिण पश्चिम सीमा के पाखरों में 200 हेक्टेयर पर बनाया जाएगा।
इसमें पूरे प्रदेश से घायल बाघों के इलाज के साथ-साथ ऐसे बाघ जो आबादी में घुस जाते हैं, उन्हें भी रखा जाएगा। इसमें लगभग 20 बाघों के रहने की व्यवस्था होगी, लेकिन डीपीआर के समय यह संख्या बढ़ भी सकती है।
इसमें रेस्क्यू सेंटर के साथ ही पूरी चिकित्सा व्यवस्था की जाएगी। यहां बाघ चिड़ियाघर की तरह न रहकर खुले बाड़े में जंगल की ही आबोहवा में रहेंगे।
इसमें पर्यटक विभाग की बंद गाड़ियों में जाकर बाघों के नजदीकी से दर्शन कर सकेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि टाइगर सफारी पर्यटकों के लिए सालभर खुला रहेगा।