रामनगर। कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के सर्पदुली रेंज में एक बाघ की मौत हो गई। कार्बेट पार्क के अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच पड़ताल के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे वहीं नष्ट कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
सीटीआर के सर्पदुली रेंज केे धनगढ़ी बीट का गश्ती दल शुक्रवार को ढिकाला मुख्य मार्ग पर गश्त कर रहा था। तभी धनगढ़ी नाले में झाड़ियों के बीच उन्होंने दस साल का नर बाघ मृत देखा। उन्होंने इसकी सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों को दी।
पार्क अधिकारियों ने तुरंत क्षेत्र में नाकेबंदी कर दी। एनटीसीए की गाइडलाइन के अनुसार पंचनामा, पोस्टमार्टम करा शव को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। पोस्टमार्टम पैनल में पार्क के डॉ. दुष्यंत शर्मा, रामनगर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेेश अग्रवाल थे।
सीटीआर के निदेशक सुरेंद्र मेहरा ने बताया कि मृत बाघ के अगले बाएं पंजे में सेही का तीन सेमी का लंबा कांटा घुसा मिला। बाघ की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा। बाघ के अंग सुरक्षित बताए गए हैं। इस दौरान पार्क के उपनिदेशक अमित वर्मा, कार्बेट फाउंडेशन के डॉ. हरेंद्र बर्गली, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के मिराज अनवर, पार्क वार्डन शिवराज चंद, रेंजर देवेंद्र सिंह रजवार आदि थे।
रामनगर। कार्बेट नेशनल पार्क के सर्पदुली रेंज में शुक्रवार को मृत बाघ को लोग पंडित नाम से पुकारते थे। इस बाघ की मौत से पार्क से जुड़े व्यवसायियों में मायूसी छा गई। यह बाघ अक्सर सर्पदुली रेंज के आसपास दिखाई देता था। अपनी प्रकृति से सीधा-सादा होने के चलते चह इसको पंडित कहते थे।
रामनगर। बाघ बचाओ संघर्ष समिति ने कार्बेट पार्क के सर्पदुली रेंज में बाघ की मौत के कारणों को संदिग्ध बताया है। समिति के मदन जोशी ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। बताया कि दो दिन पहले उक्त क्षेत्र में काले कपड़े पहने संदिग्ध व्यक्ति देखा गया था। इसकी सूचना पार्क प्रशासन को दी गई थी, लेकिन उनकी सूचना को नजरअंदाज कर दिया गया। इससे ये मामला संदिग्ध प्रतीत होता है। इस बारे में पार्क वार्डन शिवराज चंद ने बताया कि काले कपड़े पहना व्यक्ति सर्पदुली रेंज का फायर वाचर था।