हल्द्वानी। रानीबाग गौला नदी में खनन कर रहे लोग पुलिस को देखते ही मौके से भाग निकले। पुलिस ने मौके से सात खच्चरों को पकड़ने के बाद उनको वन विभाग के हवाले कर दिया। काठगोदाम थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी को बृहस्पतिवार को सूचना मिली कि कुछ लोग गौला नदी में खनन कर जानवरों से ढुलाई कर रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी किया तो खनन करने वाले भाग निकले। पुलिस ने मौके से पहुंचकर उनके सात खच्चरों को पकड़ लिया। पता चला है कि मौके से भागे लोग अंधेरे में खुदाई करते हैं। वन विभाग की टीम खनन करने वालों को चिन्हित करने की कोशिश में लगी है।
हल्द्वानी। खनन बंद है, ऐसे में वाहन स्वामियों को परिवहन विभाग के टैक्स की चिंता सताने लगी है। दो दिन बाद पूरे महीने का टैक्स देना होगा। इसे बचाने के लिए वाहन स्वामी बड़ी संख्या में आरटीओ कार्यालय पहुंचे। करीब 500 लोगों के वाहन सरेंडर करने की फीस जमा किया है। यह वाहन आज सरेंडर हो जाएंगे।
गौला में करीब 7500 वाहन पंजीकृत हैं। मई में जब खनन बंद होता है, तो कई वाहन स्वामी परिवहन विभाग का रोड टैक्स बचाने के लिए वाहन को सरेंडर (वाहन संचालन नहीं होता है, इस दौरान वाहन कहां पर खड़ा, उसकी बाकायदा सूचना दी जाती है) करते हैं। यह सामान्य प्रक्रिया है।
अब खनन दो महीने पहले बंद हो गया है, इसके मद्देनजर डंपर स्वामियों को टैक्स बचाने की चिंता सता रही है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप वर्मा कहते हैं कि केवल बृहस्पतिवार को 500 से अधिक वाहन स्वामियों ने सरेंडर कराने की फीस जमा की है। इसके कारण कार्यालय में भारी भीड़ लगी थी। शुक्रवार को कमोबेश यही हाल होने की संभावना है, इसके लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है।
नैनीताल। जिला खनन समिति की बैठक में किसी भी डीएफओ के न आने को गंभीरता से लेते हुए डीएम दीपक रावत ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। बैठक से नदारद रहने वाले सभी डीएफओ से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है। रावत ने कहा कि इस बैठक के लिए वन विभाग के अधिकारियों को चार दिन पहले रेडियोग्राम से सूचना देने के बावजूद उनका बैठक में न आना बेहद गंभीर मामला है।
कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने सभी एसडीएम, खनन महकमे के अधिकारियों, सीओ को निर्देश दिए कि वह तीन दिन के भीतर जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर खनिज स्टॉक (भंडारण) का सत्यापन करें। साथ ही जिलेभर के सभी स्टोन क्रशरों पर भी स्टॉक की नापजोख की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह देर रात सभी खनन गेटों, नदियों में जाकर चेकिंग करें कि कहीं खनन तो नहीं हो रहा है।
खनन पर पूरी रोक हैै। ऐसे में खनन किया जाना गैर कानूनी होगा। ऐसे लोगों पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने बैलपड़ाव क्षेत्र के रवन्नों की चेकिंग करने के भी निर्देश दिए। रावत ने कहा कि जिन नदियों के पास क्रशर हैं वहां अवैध खनन की संभावनाएं ज्यादा हैं। लिहाजा ऐसी जगहों पर वन विभाग तत्काल गहरे गड्ढे खोद दे ताकि खनन के लिए वाहन का आवागमन न हो सके। उन्होंने कहा कि यदि कोई गड्ढों को पाटकर खनन करता है तो ऐसे लोगों को चिह्नित कर तत्काल एफआईआर दर्ज कराएं।
उन्होंने कहा कि छोई क्षेत्र, बैलपड़ाव में आईआरबी कार्यालय के पास चेकिंग के लिए बैरियर लगाया जाए। इसमें वन एवं पुलिस के लोग बाहरी जिलों को जाने वाले खनन वाहनों की नियमित चेकिंग करेें। बैठक में एडीएम बीएल फिरमाल, संयुक्त मजिस्ट्रेट वंदना सिंह, एएसपी हरीश चंद्र सती, एसडीएम एपी बाजपेयी, पारितोष वर्मा, प्रभारी अधिकारी अशोक जोशी, उप निदेशक खनन राजपाल लेघा, डीएलएम टीएस बोरा, बीएस हरबोला, भूपेंद्र सिंह, सीओ विजय थापा, लोकजीत सिंह आदि थे।
रामनगर। खनन पर रोक संबंधी हाइकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को महाबली स्टोन क्रशर के स्टॉक की जांच की। वहां स्टॉक रजिस्टर न मिलने पर अगले आदेश तक खनिज की खरीद, बिक्री पर रोक लगा दी गई। एसडीएम पारितोष वर्मा, खान अधिकारी राजपाल लेघा, तहसीलदार सुंदर सिंह डीएम के आदेश पर बृहस्पतिवार को पीरूमदारा क्षेत्र के पापड़ी में स्थित महाबली स्टोन क्रशर पर छापा मारा।
इसके तहत वहां भंडारित उपखनिज की नपत की गई। इस दौरान क्रशर स्वामी कुल स्टॉक का लेखाजोखा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की परमिशन नहीं दिखा सका। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम वर्मा ने अगले आदेश तक वहां से उपखनिज की खरीद, बिक्री पर रोक लगा दी। क्रशर स्वामी को एक दिन के भीतर खनिज का स्टॉक दिखाने के आदेश दिए।
रामनगर। तहसीलदार सुंदर सिंह तोमर के नेतृत्व में गुरुवार को कई मार्गों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। तहसीलदार तोमर ने बताया कि चोरपानी के पास एक स्टोन क्रशर से उपखनिज भरकर ला रहे थे, इन्हें रोकने के बाद इनसे प्रपत्र मांगे तो ये दोनों कोई भी प्रपत्र नहीं दिखा सके। इसलिए दोनों वाहनों को पकड़ सीज कर दिया है। वहीं चिल्किया में चले अभियान में भी प्रपत्र न दिखाने पर दो वाहनों को पकड़कर सीज कर दिया गया। मामले की रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है।