कार्बेट पार्क के ढेला रेंज में बाघ द्वारा देवकी देवी को मारे जाने से नाराज ग्रामीणों ने दूसरे दिन ढेला व झिरना गेट बंद कर पर्यटकों की आवाजाही बंद कर दी। ग्रामीण पूरे दिन गेट पर प्रदर्शन कर बाघ को पकड़ने की मांग कर रहे थे।
देर शाम पार्क डायरेक्टर के आश्वासन पर ग्रामीणों ने पार्क प्रशासन को छह दिन की मोहलत देकर गेट बंदी खत्म करने का ऐलान किया।
बता दें कि रविवार की सुबह ग्राम ढेला निवासी देवकी देवी (65) पत्नी लछम सिंह गांव के पास ही जंगल में भैंस चराने गई। जहां पथेरुआ पश्चिमी बीट कंपार्ट नंबर-4 में बाघ ने उसे अपना निवाला बना लिया।
इससे आक्रोशित ग्रामीण सोमवार को कार्बेट पार्क के झिरना व ढेला गेट बंद कर पर्यटकों की आवाजाही रोक बाघ को तत्काल पकड़ने की मांग करने लगे। गेट बंद होने से 56 गाड़ियों को वापस होना पड़ा।
इसमें सुबह की पाली में ढेला से 15, झिरना से 30 झिरना तथा शाम की पाली में चार ढेला व सात झिरना की गाड़ियों में भरे पर्यटकों को वापस लौटना पड़ा।
सुबह से धरना प्रदर्शन होने के बाद देर शाम पार्क के डायरेक्टर समीर सिन्हा व सीओ मिथिलेश कुमार के साथ बीडीसी सदस्य त्रिलोक सिंह राणा, ग्राम प्रधान माया देवी, उपप्रधान मनोज सत्यवली व ग्रामीणों के बीच समाधान निकल गया।
ग्रामीणों ने बाघ को अतिशीघ्र पकड़ने, गांव तथा आसपास जंगल की झाड़िया काटी काटने, क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की बात कही। डायरेक्टर के आश्वासन पर उन्होंने पार्क प्रशासन को छह दिन की मोहलत दे दी।