हाइकोर्ट में तीन नवनियुक्त जज लोकपाल सिंह, मनोज तिवारी व शरद शर्मा शुक्रवार को शपथ ग्रहण करेंगे। तीनों को चीफ जस्टिस कोर्ट में सवा दस बजे मुख्य न्यायाधीश शपथ ग्रहण कराएंगे। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के संयुक्त सचिव एससी बरम्मा के हस्ताक्षर से जारी राजाज्ञा बृहस्पतिवार को हाइकोर्ट में पहुंची।
अधिवक्ता लोकपाल सिंह व मनोज तिवारी को न्यायाधीश व अधिवक्ता शरद शर्मा को एडिशनल जज नियुक्त किए जाने की राजाज्ञा जारी की गई है। हाइकोर्ट की संस्तुति के बाद कॉलेजियम से इन अधिवक्ताओं को जज के तौर पर नियुक्त करने के आधार पर गत सप्ताह इन सभी का मेडिकल परीक्षण किया गया था जिसके बाद से तीनों अधिवक्ताओं ने परंपरा के अनुसार कोर्ट में प्रेक्टिस के लिए आना छोड़ दिया था।
किसान परिवार से हैं लोक पाल सिंह
किसान परिवार में 19 फरवरी 1959 को रुड़की में जन्मे लोकपाल सिंह ने शिक्षा रुड़की से पूरी की। विधि की शिक्षा मेरठ से करने के बाद सिविल, रेवेन्यू साइड में1988 से सिविल कोर्ट रुड़की से वकालत शुरू की। उत्तराखंड बनने के बाद वे नैनीताल हाइकोर्ट में प्रेक्टिस करने लगे। उनके पिता स्व. हरपाल सिंह व श्रीमती यशोदा देवी हैं।
उत्तराखंड बार के अध्यक्ष रह चुके हैं मनोज तिवारी
मूल रूप से मुक्तेश्वर निवासी और 1965 में पिथौरागढ़ में जन्मे मनोज तिवारी ने सेंट्रल स्कूल पिथौरागढ़ से शिक्षा पूरी करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की शिक्षा हासिल की। इसके बाद इलाहाबाद कोर्ट में 1990 को सिविल साइड से प्रेक्टिस शुरू की। मनोज तिवारी 2008 में उत्तराखंड हाइकोर्ट बार के अध्यक्ष भी रहे। तिवारी 20 मई 2009 को सीनियर अधिवक्ता नियुक्ति हुए। तिवारी हाइकोर्ट में कई बार जनहित याचिकाकर्ताओं में स्पेशल काउंसिल के रूप में नियुक्त हुए।
इलाहाबाद से आकर नाम कमाया शरद शर्मा ने
शरद शर्मा का जन्म 1962 में इलाहाबाद में हुआ। 1989 में विधि की शिक्षा पूरी करने के बाद 1992 में पंजीकरण करने के बाद इलाहाबाद हाइकोर्ट में सिविल, संविधान, सर्विस व रेवेन्यू में प्रेक्टिस शुरू की। उत्तराखंड बनने के बाद वे नैनीताल हाईकोर्ट में आ गए। 23 मई 2009 को सीनियर एडवोकेट बने। वे वन निगम और परिवहन निगम के अधिवक्ता रहे। उत्तराखंड हाइकोर्ट की ओर से लोवर ज्यूडिशियरी के वादों की पैरवी के लिए अधिवक्ता नियुक्त रहे। उनके पिता एचएन शर्मा इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता और उनकी माता शरला शर्मा ग्रहणी हैं।