रामनगर। बरसात से पहले प्रशासन ने आपदाग्रस्त क्षेत्र के प्रभावितों को राहत पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिले के अंतिम गांव चुकुम में प्रशासन ने तीन महीने का राशन भेज दिया है। यह गांव हर साल बरसात के सीजन में जिले से कट जाता है।
तहसीलदार मनीषा मारकाना ने बताया कि पांच बाढ़ सुरक्षा चौकियां स्थापित की जाएंगी। बाढ़ चौकी प्रभारियों को निर्देश हैं कि वह हर पल नदी के बढ़ते और घटते जलस्तर पर नजर रखकर इसकी सूचना तहसील मुख्यालय पर देते रहें। इसके अलावा अग्निशमन दल, एनडीआरफ की टीमें, पुलिस बल को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए जा चुके हैं। बताया कि बरसात के दिनों में चुकुम गांव पूरी तरह से अलग-थलग हो जाता है। इसलिए चुकुम के ग्रामीणों के लिए तीन माह का राशन सितंबर तक भेज दिया है।