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Viral IAS Deepak Rawat: दो दिन में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के तीन रूप, दिखा नया अंदाज, जानिए कैसे लिया एक्शन

Wed, 10 Jan 2024 09:00 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत एक बार फिर से चर्चाओं में है। बीते कुछ दिनों से उनका नया अंदाज देखने को मिल रहा है। कमिश्नर दीपक रावत ने दो दिन में तीन अलग-अलग जगह छापा मारा है।
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विस्तार
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कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत एक बार फिर से चर्चाओं में है। बीते कुछ दिनों से उनका नया अंदाज देखने को मिल रहा है। कमिश्नर दीपक रावत ने दो दिन में तीन अलग-अलग जगह छापा मारा है। कमियां मिलने पर तत्काल एक्शन लिया। जिसमें नैनीताल के रेस्टोरेंट में गंदगी, हल्द्वानी के बेस अस्पताल की व्यवस्था में कमी और स्कूल बस में आग लगने के मामले में अब तक की कार्रवाई को लेकर सख्त दिखाई दिए। पढ़ें पूरी खबर...
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पहला मामला-
नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र के गाड़ीपड़ाव स्थित रेस्टोरेंट में गंदगी और खाने में कॉकरोच मिलने पर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत भड़क गए। उन्होंने रेस्टोरेंट बंद करवाकर खाद्य सुरक्षा विभाग को कार्रवाई और रेस्टोरेंट सील करने के निर्देश दिए। साथ ही खड़ी बाजार, गाड़ीपड़ाव, गोलघर, पंत पार्क, डीएसए पार्किंग आदि का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए। सोमवार सुबह लगभग 11:30 बजे कुमाऊं आयुक्त मल्लीताल पहुंचे। उन्होंने गाड़ीपड़ाव क्षेत्र के रेस्टोरेंटों में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान दिल्ली दरबार रेस्टोरेंट के किचन में गंदगी देख उन्होंने रेस्टोरेंट संचालक को जमकर फटकार लगाई। भोजन के निरीक्षण में दाल में तैरते कीड़े और कटी हुई सब्जी में कॉकरोज देख आयुक्त भड़क गए। 

उन्होंने मौके पर ही रेस्टोरेंट बंद करवाकर खाद्य सुरक्षा अधिकारी को रेस्टोरेंट सील करने के निर्देश दिए। संचालक फराह खान के खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ ही रेस्टोरेंट से आटे और पनीर के सैंपल भी भरे गए। इस मौके पर ईओ राहुल आनंद समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

दूसरा मामला-
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने सोमवार देर रात बेस अस्पताल में छापा मारा। इस दौरान भारी अनियमितताएं मिलीं। वार्ड को जाने वाले दोनों गेटों पर ताला लगा था। इस पर कमिश्नर ने गार्ड से पूछा कि वार्ड में आग लग गई तो मरीज कैसे बाहर निकलेंगे, तीमारदार को बाहर जाना होगा तो वे कैसे जाएंगे, कौन खोलेगा ताला। कमिश्नर दीपक रावत सोमवार रात 10:30 बजे बेस अस्पताल पहुंचे। एमरजेंसी में दो डॉक्टर मिले। उसके बाद वार्ड की ओर गए तो ताला लगा देख गार्ड पर बिफर गए। उन्होंने कहा कि वार्ड में आग लगी तो कैसे बाहर निकला जाएगा। गार्ड ने जवाब दिया उसका नंबर वार्ड में तैनात नर्स के पास है, वह फोन करेंगी। कमिश्नर बोले कि आग पूछकर लगेगी और तुम उतनी जल्दी ताला खोल दोगे। 

तीसरा मामला-
संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक में तय किया गया कि चालक नशे में वाहन चलाते मिला तो उसके वाहन का परमिट निरस्त कर दिया जाएगा, अभी केवल चालान होता है। स्कूल बस हादसों को देखते हुए निर्णय लिया गया कि अब प्रबंधकों को अपने स्कूल में ट्रांसपोर्ट मैनेजर रखना होगा जो बसों के संचालन समेत अन्य व्यवस्थाओं को देखेगा।


स्कूल बस में कैसे लगी आग, नहीं बता पाए अधिकारी
आयुक्त दीपक रावत ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से पूछा कि पिछले दिनों किस कारण से गौलापार में एक स्कूल बस में आग लगी थी। आरटीओ संदीप सैनी ने जवाब दिया कि आरआई तकनीकी जांच को गए थे लेकिन अग्निकांड में पूरी बस जल गई। जिसके चलते हादसे के कारणों का पता नहीं चला। कहा कि साल में एक बार स्कूल बसों का इलेक्ट्रीसिटी सर्वे आडिट अनिवार्य किया गया है। 





 
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