रफ्तार का रोमांच, उम्र का जोश और सड़क पर दौड़ती बेकाबू कार... कुछ पलों की यह कहानी दो परिवारों की जिंदगी में कभी न भरने वाला जख्म छोड़ गई। शुक्रवार को तीनपानी के पास फ्लाईओवर पर तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में 12वीं के छात्र उत्कर्ष धपोला (16) और सिद्धांत पाठक (17) की मौत हो गई जबकि उनके दो दोस्त प्रांजय मावड़ी (16) गंभीर रूप से घायल था जिसकी शनिवार सुबह मौत हो गई। वहीं, भाविका धामी (17) घायल है।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद कार काफी दूर तक घिसटती चली गई और उसके परखचे उड़ गए। एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने कार की रफ्तार बेहद तेज होने की बात कही है। उन्होंने इसके करीब 120 किलोमीटर प्रतिघंटा होने की आशंका जताई है। हालांकि, हादसे के वक्त कार की वास्तविक गति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दोस्त से मिलने के लिए निकला सिद्धांत
हल्द्वानी के देवलचौड़ निवासी सिद्धांत पाठक 12वीं का छात्र था। उत्कर्ष और सिद्धांत की गहरी दोस्ती थी। दोनों साथ कोचिंग जाते थे। हादसे से पहले सिद्धांत अपनी मां से उत्कर्ष से मिलने जाने की बात कहकर घर से निकला था। परिवार को क्या पता था कि दोस्त से मिलने निकला बेटा कभी लौटकर नहीं आएगा। सिद्धांत के पिता रवि मोहन पाठक रानीखेत में इंजीनियर हैं। एक महीने पहले ही उसके दादा का निधन हुआ था।
हादसों पर जताई चिंता, सुरक्षा इंतजाम की मांग
देवभूमि ट्रांसपोर्ट महासंघ ने तीनपानी और गौला फ्लाईओवर पर बढ़ते सड़क हादसों पर चिंता जताते हुए सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष राकेश जोशी और प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा ने दोनों फ्लाईओवर का तकनीकी ऑडिट कराने के साथ स्पीड लिमिट बोर्ड, रिफ्लेक्टर, सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त लाइटिंग और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की मांग की।
साढ़े आठ साल पहले खरीदा था वाहन
उत्कर्ष धपोला अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता शैलेंद्र धपोला भीमताल डायट में शिक्षक हैं। बताया जा रहा है कि परिवार ने मार्च 2018 में यह कार खरीदी थी। शैलेंद्र ने करीब एक साल पहले ही शहर में अपना घर बनाया था। माता-पिता ने बेटे के साथ उस घर में भविष्य की न जाने कितनी खुशियां संजोई होंगी। लेकिन शुक्रवार के हादसे ने उन सपनों को पलभर में तोड़ दिया।
चुपके से कार लेकर निकला उत्कर्ष
जानकारी के अनुसार, उत्कर्ष घर से चुपके से कार लेकर निकला था। कार में सिद्धांत के अलावा भाविका और प्रांजय भी सवार थे। बताया जा रहा है कि किशोरों को ठीक से कार चलानी नहीं आती थी। हालांकि, हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस दुर्घटना के कारणों और चालक की पहचान की जांच कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार 120-130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी। तेज रफ्तार में वाहन अनियंत्रित होने के बाद डिवाइडर से टकराया और पलट गया।
- डॉ. मंजुनाथ टीसी, एसएसपी