पूंजी के अभाव में दम तोड़ते आइडियाज को पंख लगाने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के बजटीय आवंटन में वृद्धि की है। इससे घर पर रहकर कारोबार करने का सपना देख रहे युवाओं का सपना आने वाले दिनों में धरातल पर उतरने की उम्मीद जग गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से पेश किए गए बजट में योजना के तहत धनराशि में वृद्धि कर इसे 60 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसायियों/उद्यमियों को स्वयं के व्यवसाय के संचालन अथवा पुन: संचालन के लिए उनकी जरूरत के मुताबिक पूंजी की व्यवस्था कराई जाती है। यह धनराशि अलग अलग बैंकों के माध्यम से दी जाती है ताकि युवा स्वयं के व्यवसाय को सफलतापूर्वक संचालित कर रोजगार प्रदाता की भूमिका भी निभा सकें। साथ ही उन्हें नौकरी के लिए घर न छोड़ना पड़े।
जिले में लक्ष्य से अधिक लोगों को दिया लाभ
वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत लक्ष्य से अधिक लोगों को लाभ दिलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक इस वित्तीय वर्ष में योजना के तहत 725 आवेदकों को लाभ दिया जाना था लेकिन अब तक कुल 820 आवेदकों को इस योजना का लाभ दिया जा गया है।
10 से 25 लाख तक का दिया जाता है ऋण
अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अलग-अलग श्रेणी में 10 लाख से 25 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। 10 लाख का ऋण सर्विस और ट्रेडिंग सेक्टर के लिए और 25 लाख तक का ऋण उत्पादन यूनिट लगाने के लिए दिया जाता है। योजना में 30 फीसदी तक अनुदान दिया जाता है।
जिले को 4.50 करोड़ की धनराशि आवंटित होने के आसार
प्रदेश सरकार के बजट में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत प्रदेश के 13 जिलों को 60 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रावधान किया है। पिछले साल यह 40 करोड़ रुपये था। अधिकारियों का कहना है कि इसमें नैनीताल जिले को चार से 4.50 करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत नैनीताल जिले में लक्ष्य से अधिक आवेदकों को लाभ दिया गया है। पहाड़ और मैदान दोनों जगहों के युवा, बेरोजगार और महिलाएं इस योजना का लाभ लेकर आर्थिक रूप से स्वावलंबी हो रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में भी सीएम स्वरोजगार योजना के तहत पात्र आवेदकों को लाभ दिलाया जाएगा।-पल्लवी गुप्ता, महाप्रबंधक उद्योग