हल्द्वानी। बदरीपुरा पांडे निवास स्थित घर में बृहस्पतिवार की दोपहर बिजली मिस्त्री ने पंखे से फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस पूछताछ से पता चला कि वह काम नहीं मिलने के कारण काफी दिनों से तनावग्रस्त चल रहा था।
पांडे निवास बदरीपुरा निवासी बिजली मिस्त्री कृष्ण कांत पांडे उर्फ कन्नू (42) की पत्नी सुनीता पांडे बृहस्पतिवार को रोज की तरह डाक्टर के यहां खाना बनाने गई थी। दोनों बच्चे छत पर खेल रहे थे। दोपहर में बेटा करन (आठवीं का छात्र) और बेटी दिव्या (10 वीं की छात्रा) छत से नीचे उतर कर आए तो बेटे ने देखा कि उसके पापा की गर्दन पंखे से लटक रही है। बेटे के शोर मचाने पर परिवार के लोग और किराएदार कमरे में आ गए।
उसने बिजली के तार का फंदा बनाया था। तत्काल लोगों ने फंदा खोला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर कोतवाल संजय कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का मुआयना करने के बाद पूछताछ शुरू किया। पता चला कि कृष्णकांत का दूसरा भाई हरशरण पांडे अल्मोड़ा जिले के रानीखेत गोल्टा मेे परिवार के साथ रहता है। पार्षद रवि जोशी पड़ोसी अशोक लाल और देवेंद्र वर्मा ने बताया कि कृष्णकांत सादगी पसंद थे। पड़ोसियों ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से ही उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी लेकिन उन्होंने किसी से पैसा नहीं मांगा। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सुबह बच्चों के साथ खेला लूडो
पुुलिस पूछताछ में पता चला कि मौत को गले लगाने से पहले कृष्णकांत ने अपने बेटे और बेटी के साथ मकान के प्रथम तल स्थित कमरे में लूडो खेला था। बच्चे खेलने के बाद छत पर चले गए। अकेले होने के बाद उसका तनाव और बढ़ गया। कृष्णकांत को उसके परिचित ने बातचीत करने के लिए बुलाया, लेकिन वह नीचे उतरकर नहीं आए।