फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand News: दशहरे से पहले आसमान में दिखेगा दिवाली सा नजारा, इस महीने होंगी कई खगोलीय घटनाएं

Tue, 01 Oct 2024 03:03 PM IST
हीरा मेहरा गिरीश रंजन तिवारी

सार

इस माह सूर्यग्रहण और वर्ष के सबसे चमकीले चांद के दर्शन होंगे। साथ ही दशहरे के आसपास दो बार अंतरिक्ष में सितारों की दिवाली जैसे नजारे भी दिखाई देंगे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अक्टूबर का महीना अंतरिक्ष में अद्भुत नजारे लेकर आ रहा है। इस माह सूर्यग्रहण और वर्ष के सबसे चमकीले चांद के दर्शन होंगे। साथ ही दशहरे के आसपास दो बार अंतरिक्ष में सितारों की दिवाली जैसे नजारे भी दिखाई देंगे। 2 अक्तूबर को बरसात के बाद के धूल और प्रदूषण रहित वातावरण में अमावस्या के अंधेरे में आकाश गंगाओं और तारा समूहों जैसी धुंधली वस्तुओं का निरीक्षण करने का बेहतरीन समय होगा।

विज्ञापन


2 अक्तूबर को ही वलयाकार सूर्य ग्रहण भी लगेगा। वलयाकार सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढकने के लिए पृथ्वी से बहुत दूर होता है। इसके परिणामस्वरूप अंधेरे चंद्रमा के चारों ओर प्रकाश का एक घेरा (रिंग ऑफ फायर) बन जाता है जबकि इस दौरान सूर्य का कोरोना नजर नहीं आता। हालांकि यह ग्रहण भारत से नजर नहीं आएगा। इसका पथ दक्षिण अमेरिका के तट से प्रशांत महासागर में शुरू होगा और दक्षिणी चिली और अर्जेंटीना के कुछ हिस्सों से होकर गुजरेगा। आंशिक ग्रहण पूरे दक्षिणी अमेरिका के अधिकांश हिस्सों में दिखाई देगा। 7 अक्तूबर को ड्रेकोनिड्स उल्का बौछार चरम पर होगी जिसमें प्रति घंटे 10 उल्काएं देखी जा सकेंगी। यह उल्कापात धूमकेतु 21पी जियाकोबिनी-जीनर के धूल कणों से होता है। 21 और 22 अक्तूबर को ओरियोनिड्स उल्का बौछार होगी, जिसमें हेली धूमकेतु के धूल के कणों से उत्पन्न 20 उल्काएं प्रति घंटे नजर आएंगी।

ये पढ़ें- Rudrapur News: आधी रात चौकी में एसएसपी को देख उड़ी सिपाहियों की नींद, मचा हड़कंप; जानिए फिर क्या हुआ
विज्ञापन
विज्ञापन


17 को 30% ज्यादा चमकेगा चांद
17 अक्तूबर की पूर्णिमा बहुत ही खास होने वाली है। इस रात का सुपरमून पृथ्वी के सर्वाधिक निकट होगा जो सामान्य से 15 फीसदी बड़ा और तीस फीसदी ज्यादा चमकदार नजर आएगा। आर्य भट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान, एरीज से जुड़े रहे अंतरिक्ष विज्ञानी शशिभूषण पांडे ने बताया कि चांद की पृथ्वी से सर्वाधिक दूरी चार लाख पांच हजार किमी होती है। जो प्रतिदिन घटती बढ़ती रहती है। 17 अक्तूबर को चांद पृथ्वी से इस दूरी के मुकाबले लगभग 48 हजार किमी ज्यादा निकट होगा और यह दूरी लगभग 3,57,000 किमी रह जाएगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें