शहर के तमाम इलाकों में पेयजल किल्लत से लोग परेशान हैं। पेयजल किल्लत को देखते हुए डीएम के निर्माण कार्यों पर रोक के बावजूद कालोनियों में लगे ट्यूबवेलों से निजी टैंकर धड़ाधड़ भरे जा रहे हैं। स्थिति यह है कि सप्लाई से पानी न मिलने की वजह से लोग इन निजी टैंकरों से पानी खरीदने के लिए मजबूर हैं।
शनिवार को छड़ायल नयाबाद, दमुवाढूंगा, जमरानी कॉलोनी, टेढ़ी पुलिया, पॉलीशीट, तल्ली हल्द्वानी आदि इलाकों में लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ा। छड़ायल नयाबाद स्थित ट्यूबवेल से तो शनिवार को दिनभर निजी टैंकर भरे गए और ये टैंकर वाले भवन निर्माणकर्ताओं और प्रभावित इलाकों में लोगों को पानी बेचते रहे।
समिति का ट्यूबवेल बताकर बचाव तो नहीं कर रहा जलसंस्थान!
जलसंस्थान के अधिकारी कहते हैं कि छड़ायल नयाबाद का ट्यूबवेल समिति है, जबकि नयाबाद की कृष्णा विहार कॉलोनी में विधायक निधि से जो नई लाइन बिछाई गई थी वह जलसंस्थान ने बिछाई थी। इस लाइन से कनेक्शन भी जल संस्थान देता है। यही नहीं, छड़ायल नायक के लिए भी हाल में एक लाइन जलसंस्थान ने ही इस ट्यूबवेल से बिछाई है। जब यह ट्यूबवेल जल संस्थान का है ही नहीं तो यहां से जल संस्थान ने लाइन कैसे बिछा दी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या जलसंस्थान ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति का ट्यूबवेल बताकर कहीं अपना बचाव तो नहीं कर रहा या अधिकारियों को इसका पता ही नहीं है कि ट्यूबवेल किसके अधिकार क्षेत्र में है।
कोट
छड़ायल नयाबाद का ट्यूबवेल ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति को हस्तगत है। जिसका संचालन समिति द्वारा किया जाता है। जलसंस्थान की ओर से निजी टैंकरों को पानी देने पर कतई रोक लगाई गई है। विभागीय ट्यूबवेलों से अगर कोई निजी टैंकर पानी भरते पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- संतोष कुमार उपाध्याय, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।