हल्द्वानी। ऑफलाइन प्रवेश के लिए एमबीपीजी कॉलेज में सोमवार को फिर बखेड़ा हो गया। अनशन करने की अनुमति न दिए जाने से गुस्साए एक छात्रनेता ने प्राचार्य कक्ष में आत्मदाह की धमकी दी तो चीफ प्राक्टर ने उसे बाहर निकाल दिया। छात्रों ने इस पर हंगामा कर दिया। कॉलेज में पुलिस बुलानी पड़ी। इधर, कॉलेज प्रशासन ने बवाल करने वाले छह छात्रों के खिलाफ भोटिया पड़ाव पुलिस चौकी में तहरीर दी है।
बीए और बीकॉम प्रथम वर्ष में सभी को प्रवेश दिए जाने की मांग को लेकर छात्रों ने बेमियादी क्रमिक अनशन शुरू करने का एलान किया था। सोमवार को छात्रनेता कॉलेज परिसर में मुख्य गेट के पास सांकेतिक क्रमिक अनशन पर बैठने पहुुंचे तो प्राक्टीरियल बोर्ड के सदस्यों ने इसकी अनुमति नहीं दी। इससे आक्रोशित छात्रनेता प्राचार्य कक्ष में पहुंचे और हंगामा करने लगे। प्रभारी प्राचार्य डॉ. बीआर पंत से नोकझोंक के दौरान एक छात्र ने धमकी दे डाली कि अगर छात्रों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह आत्मदाह कर लेंगे।
इस पर प्राचार्य कक्ष में मौजूद चीफ प्राक्टर डॉ. विनय विद्यांलकार ने उस छात्र से आईकार्ड मांग लिया। आईकार्ड न दिखाने पर उन्होंने छात्र का हाथ पकड़कर प्राचार्य कक्ष से बाहर कर दिया। इस पर छात्रों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने शोर मचा दिया कि चीफ प्राक्टर ने एक छात्र का गला पकड़ लिया। सूचना पर छात्रसंघ अध्यक्ष राहुल धामी, छात्रसंघ सचिव कौशल जीना भी पहुंच गए। उनकी प्रभारी प्राचार्य से नोकझोंक हुई। इस बीच पुलिस ने हंगामा कर रहे छात्रों को बाहर खदेड़कर प्राचार्य कक्ष खाली करवा दिया।
कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया
हल्द्वानी। प्राचार्य की ओर से दी गई तहरीर में कहा है कि कुछ छात्र प्राचार्य कक्ष में प्राचार्य और सहयोगी स्टाफ के साथ कहासुनी करने लगे। छात्रों के समूह में सम्मिलित सत्यम दरम्वाल ने आत्मदाह की धमकी भी दी। अन्य छात्र अभद्रता कर रहे थे और कोविड-19 की गाइड लाइन का स्पष्ट उल्लंघन कर रहे थे। इनमें अयाज अंसारी, निहित नेगी, मुकेश कुलौरा, सत्यम दरम्वाल, संस्कार रस्तोगी, सूरज जंतवाल आदि छात्र मुख्य रूप से शामिल थे। समझाने पर भी वे अभद्रता करते रहे। इन छात्रों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई कर कॉलेज में पुलिस बल तैनात किया जाए।
एबीवीपी भी आंदोलन में कूदी
हल्द्वानी। विद्यार्थी परिषद के जिला विभाग संयोजक सुंदर आर्य ने प्राचार्य कक्ष के अंदर ही विद्यार्थी परिषद के प्रदेश संगठनमंत्री प्रदीप शेखावत को फोन कर दिया। उन्होंने चीफ प्राक्टर को कॉलेज से तत्काल हटाने की मांग की। प्रदेश संगठनमंत्री शेखावत ने उच्चशिक्षा मंत्री से बात करने का आश्वासन दिया। सुंदर आर्य ने प्रवेश की समस्या को हल करने के बजाय छात्रों के साथ दुर्व्यवहार पर नाराजगी जताई।
प्राध्यापकों की कार की हवा निकाल देंगे
हल्द्वानी। छात्रसंघ अध्यक्ष राहुल धामी और सचिव कौशल जीना ने प्राचार्य के नाम सौंपे पत्र में धमकी दी है कि कॉलेज के अंदर या तो छात्रों के वाहन भी खड़े किए जाएंगे अन्यथा प्राध्यापकों के वाहन भी कॉलेज में नहीं आने दिए जाएंगे। उनके वाहनों की हवा निकाल दी जाएगी।
छात्रों ने खेद जताया, प्राचार्य ने वीडियो दिखाया
हल्द्वानी। कॉलेज प्रशासन की ओर से पुलिस कार्रवाई से घबराए कुछ छात्र प्रभारी प्राचार्य डॉ. बीआर पंत के पास पहुंचे और सफाई देते हुए अपनी ओर से सॉरी बोल कर चले गए। प्रभारी प्राचार्य ने भी उन्हें घटना का वीडियो दिखा दिया।
प्राचार्य कक्ष में एक छात्र आत्मदाह की धमकी दे रहा था जिससे आईकार्ड मांगा तो बिगड़ गया। इस पर छात्र को पकड़कर प्राचार्य कक्ष से बाहर किया गया उसके साथ किसी तरह की अभद्रता नहीं की गई। गला पकड़ने की बात गलत है। अगर कोई छात्र इस तरह की धमकी देगा तो कॉलेज प्रशासन को कदम तो उठाना ही पड़ेगा। - डॉ. विनय विद्यांलकार चीफ प्राक्टर, एमबीपीजी कॉलेज
छात्रों की अराजकता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राचार्य कक्ष में हंगामा और आत्मदाह की धमकी देने के मामले में कार्रवाई करने के लिए पुलिस को छह छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नामजद तहरीर दी गई है। छात्रों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन से फोर्स तैनात करने को कहा गया है। पूरी घटना की वीडियो रिकार्डिंग उनके पास है जिसके आधार पर कार्रवाई होगी। मंगलवार से कॉलेज में सख्ती की जाएगी। - डॉ. बीआर पंत प्रभारी प्राचार्य, एमबीपीजी कॉलेज
छात्रसंघ अध्यक्ष का पक्ष
ऑफलाइन प्रवेश की मांग को लेकर छात्र अगर शांतिपूर्ण ढंग से धरना देना चाहते थे लेकिन प्राध्यापकों ने बैठने नहीं दिया। प्राचार्य कक्ष में बात करने गए छात्रों के साथ धक्कामुक्की कर उन्हें बाहर निकाल रहें, यह सब ठीक नहीं है। इस तरह की घटना का पुरजोर विरोध किया जाएगा। - राहुल धामी अध्यक्ष, छात्रसंघ एमबीपीजी कॉलेज