अल्मोड़ा। जिलाधिकारी और जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि जागेश्वर मंदिर समूह में वर्तमान में प्रधान और मुख्य पुजारी का कोई पद नहीं है। वर्तमान में कुछ लोग स्वयं को प्रधान और मुख्य पुजारी बता रहे हैं, जो गलत है।
उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेश के बाद वर्ष 2014 में जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति ने पंडित हेमंत भट्ट और उनके पिता रघुनाथ भट्ट की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लिया था कि धाम में वर्तमान में कोई भी प्रधान और मुख्य पुजारी का पद नहीं रहेगा। डीएम ने कहा कि समिति की बैठक के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर यह संज्ञान में आया है कि वर्तमान में पंडित हेमंत भट्ट विभिन्न प्रचार-प्रसार के माध्यमों से खुद को मंदिर समूह के अंतर्गत प्रधान और मुख्य पुजारी बता रहे हैं।
यह मंदिर प्रबंधन समिति के निर्णय के साथ ही न्यायालय के आदेशों का भी उल्लंघन है। डीएम ने बताया कि जागेश्वर मंदिर समूह से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक तौर पर ट्रस्ट के सदस्यों से ही संपर्क किया जाए। डीएम ने कहा कि जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति में सूचीबद्ध पुजारी अपने बीच लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कर पुजारी प्रतिनिधि चुनते हैं। इसके अलावा अन्य कोई भी पद नहीं है। वहीं, जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के प्रबंधक भगवान भट्ट ने बताया कि वर्तमान में भगवान भट्ट पुत्र कमलापति भट्ट पुजारी प्रतिनिधि है। मंदिर समूह में वर्तमान में कोई भी प्रधान और मुख्य पुजारी नहीं है। इधर इस मामले में पंडित हेमंत भट्ट को फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।