बंदर की चालाकी से सभी वाकिफ हैं, अब बंदर खाने के लिए जगह के हिसाब से प्लानिंग कर रहे हैं। इन दिनों बंदरों का पूरा परिवार चित्रशिला का इलाका छोड़कर शीतला मंदिर की तरफ कूच का गया है, जहां इन दिनों नवरात्र में खूब रौनक है।
चित्रशिला में बंदरों का हजूम रहता है। चित्रशिला घाट में दुकान चलाने वाले और स्थानीय लोगों रत्नागिरी गोस्वामी, प्रेमराम आर्य, विक्रम नेगी, जीवन लाल के अनुसार खासकर मंगलवार और शनिवार को बंदरों की संख्या बढ़ जाती है। यहां पर बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। दीपक नौंगाई कहते हैं कि इन दिनों बंदरों का हजूम नवरात्र के कारण शीतला मंदिर की तरफ कूच कर गया है।
इन दिनों लोग बड़ी संख्या में शीतला मंदिर में दर्शन को जाते हैं, जिनके प्रसाद के चक्कर में बंदर रहते हैं। डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि बंदरों को पता होता है कि खाना कहां पर मिलेगा, उसी के हिसाब से वह धावा बोलते हैं। नैनीताल में जब बोर्डिंग स्कूल बंद हो जाते हैं, तब नैनीताल में नीचे के इलाकों में बंदरों की संख्या बढ़ जाती है।
- नवरात्र पर शीतला मंदिर की तरफ रुख
- मंगल को चित्रशिला घाट के मंदिर की तरफ कूच
- रामपुर और कालाढूंगी रोड पर मंगलवार को खिलाने वालों का इंतजार
- नैनीताल में डे बोर्डिंग स्कूल बंद होने पर नैनीताल के निचले हिस्से की तरफ चले जाना