आईएसबीटी की जमीन में खुदाई के दौरान बरामद अस्थिपंजर को पुलिस कार्बन जांच के लिए लखनऊ भेजने पर विचार कर रही है। एसएसपी का मानना है कि प्रयोगशाला में जांच के दौरान महिला के मौत की तारीख और कारण की जानकारी मिल सकती है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की टीम ने आईएसबीटी की जमीन से बरामद खोपड़ी और हड्डियों की जांच के बाद बताया है कि खोपड़ी महिला की है। उसकी मौत करीब एक साल पहले हुई है। अन्य हड्डियों के बारे में सटीक जानकारी नहीं मिल सकी है।
मेडिकल कॉलेज ने डीएनए जांच के लिए अस्थिपंजर काठगोदाम थाने की पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। काठगोदाम थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी का कहना है कि डीएनए में किस व्यक्ति के खून से मिलान किया जाए यह बड़ा सवाल है क्योंकि अब तक अस्थि पंजरों पर दावा करने के लिए कोई सामने नहीं आया है। इस पर भी संदेह बना हुआ है कि मौत किस कारण हुई है।
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि बरामद अस्थि पंजर के मामले में विशेषज्ञों से बातचीत हुई है। कुछ लोगों ने बताया है कि लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में जांच से मौत की तारीख और कारण भी मिल सकता है। इसी कारण खोपड़ी और हड्डियों को लखनऊ भेजने की योजना बनाई गई है। यदि लखनऊ से बेहतरीन कोई प्रयोगशाला है तो वहां भी जांच के लिए अस्थि पंजर भेजे जाएंगे।