कुमाऊं प्रवेश द्वार हल्द्वानी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सीवरेज प्लांट जैसे बड़े प्रोजेक्ट महीनों से लटके हैं। प्रोजेक्टों को धरातल पर उतारने को लेकर नगर निगम की ओर से कई बार दावे किए जा चुके हैं लेकिन कभी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता तो कभी बजट की कमी से प्रोजेक्ट साकार नहीं हो पाए हैं।
अब डबल इंजन की सरकार में प्रोजेक्टों की क्लीयरेंस शासन में लटकी है। राजनीतिक गलियारों में प्रोजेक्टों को आगामी नगर निगम चुनाव से जोड़कर देखा जाना लगा है। हल्द्वानी में सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। शहर का अधिकांश इलाका सीवर से नहीं जुड़ा है। कूड़ा प्रबंधन नहीं होने से बाईपास में गंदगी फेंकी जाती है।
सीवर गौला नदी में छोड़ा जाता है। घर-घर से कूड़ा नहीं उठाए जाने से गंदगी सड़क, नाली, नहर और खाली प्लाटों में फेंकी जाती है। मुख्य मार्गों पर लगाए डस्टबिन का फैला कूड़ा पर्यटकों का गंदगी से स्वागत करता है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सीवरेज प्लांट की फाइलें सालों से दौड़ रही हैं। दोनों के लिए बाईपास में जगह चिह्नित है। सीवरेज प्लांट के लिए अमृत योजना और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए भारत सरकार से करोड़ों का बजट नगर निगम के खाते में पड़ा है।
प्रोजेक्टों को धरातल पर लाने के लिए नगर निगम हर महीने नई तारीख देता है। मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला भी जल्द प्रोजेक्ट शुरू कराने का दावा करते हैं। मेयर के दावों और निगम की तारीख के बीच 2017 का पांचवां महीना शुरू हो गया।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के पहले चरण में घर-घर से कूड़ा उठाया जाना है। मेयर का दावा है कि ढाई महीने में प्रक्रिया प्रभावी हो जाएगी। सीवरेज लाइन के विस्तार के लिए टेंडर प्रक्रिया होनी है। प्लांट निर्माण के लिए आखिरी औपचारिकता शासन से होनी है।
राजनीतिक गलियारों में इन प्रोजेक्टों की खासी चर्चा है। 2018 शुुरुआत में मेयर के चुनाव होने हैं, जिसकी अधिसूचना इसी साल आखिर तक लागू हो जाएगी। अधिसूचना से पहले प्रोजेक्ट शुरू होने पर भाजपा को फायदा मिलेगा।
मौजूदा मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला भाजपा से हैं। डा. रौतेला ने कांग्रेस की परंपरागत हल्द्वानी सीट पर कमल खिलाकर भाजपा को मजबूती दी है। अब 2018 के नगर निगम चुनाव में भी भाजपा को डबल इंजन की सरकार और इन प्रोजेक्टों का फायदा मिलेगा।