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अध्ययन: ब्लैक होल की घूर्णन गति से बदलती है एक्सरे चमक, एरीज के वैज्ञानिकों ने सिमुलेशन से समझा रहस्य

Wed, 04 Nov 2026 12:30 PM IST
Heera गिरीश रंजन तिवारी

सार

ब्लैक होल की घूर्णन गति उसके आसपास मौजूद पदार्थ और निकलने वाले एक्सरे विकिरण को प्रभावित करती है। ब्लैक होल जितनी तेजी से घूमता है, उसके आसपास की गैस की गतिविधियां भी उसी अनुसार प्रभावित होती हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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ब्लैक होल की घूर्णन गति का उसके आसपास मौजूद पदार्थ और उससे निकलने वाले एक्सरे विकिरण पर असर पड़ता है। ब्लैक होल जितनी तेजी से घूमता है, उसके आसपास की गैस की गतिविधियां भी उसी के अनुसार प्रभावित होती हैं।

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आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन में यह महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। शोध में कंप्यूटर सिमुलेशन के माध्यम से ब्लैक होल की घूर्णन गति और एक्स-रे (एक्स किरणें) चमक में होने वाले उतार-चढ़ाव के बीच संबंध को समझने का प्रयास किया गया।
 
एरीज के शोधार्थी संजीत देबनाथ के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन के अनुसार, ब्लैक होल की ओर गिरने वाला पदार्थ उसके चारों ओर एक घूमती हुई संरचना बनाता है, जिसे अभिवृद्धि चक्र (एक्रीशन डिस्क) कहा जाता है। इस डिस्क का भीतरी हिस्सा अत्यधिक गर्म है। इस डिस्क कसे एक्स-रे विकिरण निकलता है। चमक में समय-समय पर है। इस विकिमयमित बदलावों को क्वासी पीरियॉडिक ऑसिलेशन (क्यूपीओ) कहा जाता है।
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वैज्ञानिकों ने सिमुलेशन के जरिये पाया कि ब्लैक होल के निकट गैस का तापमान काफी अधिक होता है। इस गर्म क्षेत्र में होने वाले दोलन से एक्स-रे विकिरण की चमक में बदलाव आता है। ब्लैक होल की घूर्णन गति यह निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि गैस उसके कितने करीब तक पहुंच सकती है और वहां उसकी गतिविधियां किस तरह प्रभावित होती हैं। इस शोध में ब्लैक होल, उसके अभिवृद्धि चक्र, उससे संबंधित जेट और साथी तारे की संरचना का भी अध्ययन किया गया है। शोध के निष्कर्ष प्रतिष्ठित साइंस जनरल डायरेक्ट में प्रकाशित हुए हैं।

अधिक तेजी से घूमने वाले ब्लैक होल में एक्स-रे चमक के उतार-चढ़ाव की व्यापक विविधता देखने को मिल सकती है। इससे ब्लैक होल के आसपास पदार्थ की गति और उसकी भौतिक परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।
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संजीत देवनाथ, शोधार्थी, आर्यभटूट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान

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