उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के बाबत तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। 10 मार्च से शुरू होने वाली परीक्षाआें के लिए शुक्रवार को परिषद मुख्यालय में मुख्यशिक्षा अधिकारी, नियंत्रक, उपनियंत्रक एवं संकलन केंद्र प्रभारियों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया।
बोर्ड सभापति आरके कुंवर की अध्यक्षता एवं सचिव डा. डीके मथेला के संचालन में हुई कार्यशाला के दौरान प्रश्नपत्रों, उत्तरपुस्तिकाओं की प्राप्ति, उनके रखरखाव एवं उनके वितरण, संकलन केंद्रों की कार्यप्रणाली, उनके दायित्व, प्रयोगात्मक परीक्षा, नकल आदि पर चर्चा की गई। कार्यशाला के दौरान ही संस्कृत परीक्षा एवं यूटीईटी के बारे में भी चर्चा की गई। स्लाइड शो माध्यम से विषय विशेषज्ञों ने कार्यशाला में मौजूद लोगों को सभी विषयों की जानकारी देते हुए परीक्षाएं शांतिपूर्ण तरीके से कराने की अपील की।
इस दौरान अपर सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी, सहायक निदेशक अनिल कुमार लोहनी, संयुक्त सचिव एनसी पाठक, बृजमोहन सिंह रावत, शोधाधिकारी मनोज कुमार पाठक, आनंद सिंह बिष्ट, विजय शेखर बलोदी, रामेंद्र कुमार ओझा, एके खांडेकर, वित्त अधिकारी आरसी भट्ट आदि के साथ प्रदेश के सभी जिलों के मुख्यशिक्षा अधिकारी, नियंत्रक, उपनियंत्रक एवं संकलन केंद्र प्रभारी मौजूद थे।
नकल रोकने के लिए बनाए सचल दल
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सभापति आरके कुंवर ने नकलविहीन बोर्ड परीक्षाओं को अपनी प्राथमिकता में बताते हुए दावा किया कि प्रत्येक जिले में नकल रोकने के लिए आधा दर्जन से अधिक सचल दल बनाए गए हैं।
परिषद मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान श्री कुंवर ने बताया कि नकल रोकने के लिए प्रत्येक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन कर सचल दस्तों का गठन किया जाएगा। परीक्षा 1304 केंद्रों पर होगी, जिसमें से 252 परीक्षा केंद्र संवेदनशील एवं 34 केंद्र अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं। परीक्षाएं 10 मार्च से 1 अप्रैल तक होगी। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य प्रदेश के 29 मूल्यांकन केंद्रों पर 10 अप्रैल से शुरू होगा, जो 25 तक चलेगा। परिषद का प्रयास है कि परीक्षाफल 27 मई के बाद घोषित हो जाए। इस दौरान सचिव डा.डीके मथेला भी मौजूद थे।