कांग्रेस के ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा के पलटवार में भाजपा की ‘भ्रष्टाचार हटाओ-उत्तराखंड बचाओ’ जन जागरण यात्रा में भाजपा को अपनों का ही साथ नहीं मिला। मौसम खुशनुमा होने के बाद भी सभा स्थल पर कुर्सियां खाली रह गई। आपसी गुटबाजी के चलते सभा में लोगों की गिनती को लेकर मंचासीन नेताओं में आपस में शर्त तक लगने लगी। हालांकि, जब एक नेता ने पंडाल में लगी कुर्सियों का आंकड़ा बताया तो शर्त लगाने वालों की बोलती बंद हो गई।
कांग्रेस के बाद सोमवार को भाजपा ने भी रामलीला मैदान में सभा की। कांग्रेस की लोकतंत्र बचाओ सभा में भी करीब इतने ही लोग थे। हालांकि, कांग्रेस की पदयात्रा में एलआईयू की रिपोर्ट के हिसाब से करीब चार हजार लोग शामिल थे। भाजपा ने कांग्रेस के पलटवार में भ्रष्टाचार हटाओ उत्तराखंड बचाओ जन जागरण यात्रा के लिए दस हजार लोगों के पहुंचने का दावा किया था। इसके लिए सभी मंडलों, जिला और नगर कार्यकारिणी के नेताओं को भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। सभा में भाजपा समर्थकों के पहुंचने को लेकर खुद भाजपाई संशय में थे। इसलिए पंडाल में गिनती की कुर्सियां लगी थी।
कुर्सियां खाली होने से कई नेताओं के माथे पर चिंता की लकीर साफ झलकी। मंचासीन नेताओं में भी लोगों की गिनती को लेकर मतभेद थे। कोई पांच हजार तो कोई तीन हजार लोगों का आंकलन कर रहा था। गिनती को लेकर आपस में शर्त तक लगने लगी। इतने में एक नेता जी ने अंदाजन लोगों की गिनती बताकर सबकी बोलती बंद कर दी। नेता जी का फार्मूला एकदम सटीक था। नेता जी के मुताबिक पंडाल में एक लाइन में 27 कुर्सियां लगी थी। कुर्सियों की 33 लाइनें थी। इस लिहाज से पंडाल में करीब 891 कुर्सियां लगी थी।
मंच के आसपास, डी घेरा और पत्रकार दीर्घा में भी भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ थी। इस लिहाज से सभा में अधिकतम दो हजार से अधिक लोग नहीं थे। सभा खत्म होने से पहले ही आधे से अधिक लोगों ने पंडाल छोड़ दिया। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के माइक संभालने तक करीब आधे से अधिक कुर्सियां खाली हो गई।