भीमताल (नैनीताल)। ओखलकांडा में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बीती रात एक गर्भवती महिला ने प्रसव के दौरान दम तोड़ दिया। अलबत्ता नवजात की हालत खतरे से बाहर है। हाल के दिनों में कुमाऊं में इलाज के अभाव में मौत का यह चौथा मामला है।
हरीशताल के ग्राम प्रधान केडी रूबाली ने बताया कि ल्वाड़डोबा के तोक बसडांटी निवासी हरीश चंद्र की पत्नी राधा देवी (35) गर्भवती थी और सोमवार को उसे प्रसव पीड़ा हुई। ग्रामीणों की मदद से परिजन राधा को डोली में बैठाकर पैदल मार्ग से होते हुए लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर सड़क पर पहुंचे। इस बीच, ग्रामीणों ने आपातकालीन वाहन 108 को फोन किया।
108 द्वारा बताया गया कि एंबुलेंस खराब है। भीमताल से एंबुलेंस मौके पर भेजी जा रही है, लेकिन देर तक भीमताल से भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। परिजन राधा को ट्रक से 60 किमी दूर ओखलकांडा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। रात नौ बजे परिजनों ने राधा देवी को पीएचसी में भर्ती कराया। उसने बेटी को जन्म दिया। प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्त स्राव होने से राधा ने दम तोड़ दिया।
रूबाली कहते हैं कि सड़क होती तो राधा की जान बचाई जा सकती थी। बीते डेढ़ माह में ब्लाक में ही इलाज के अभाव में तीन लोग दम तोड़ चुके हैं। प्रधान मोहन सिंह चौहान, ल्वाड़ के प्रधान हरीश सिंह मटियाली और गौनियारों के प्रधान ईश्वर राम आदि का कहना है कि सरकार ने हरीशताल-कौंता रोड के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया तो वह तालाबंदी करने को मजबूर होंगे। उन्होंने पीड़िता के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।