रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) और उसके आसपास के वन क्षेत्र इन दिनों रंग-बिरंगे मेहमान पक्षियों से चहचहा रहा है। अपनी समृद्ध जैव विविधता के कारण यह क्षेत्र हजारों किलोमीटर का सफर तय कर आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए पसंदीदा स्थल बना हुआ है।
पक्षी प्रेमी दीप रजवार ने बताया कि इस क्षेत्र में लगभग 20 प्रजातियों की अलग-अलग प्रजातियां प्रवास में आती हैं। प्रवासी पक्षी प्रजनन के लिए जलाशयों में आते हैं। इस दौरान उन्हें शांत वातावरण, पर्याप्त भोजन और स्वच्छंद विचरण की आवश्यकता होती है। सीटीआर और उसके आसपास के जलाशय पक्षियों के लिए अनुकूल हैं। गर्मी शुरू होते ही मार्च में यहां बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचे जो कि सितंबर में यहां से लौटेंगे।
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इस प्रजाति के इस सीजन आते हैं प्रवासी पक्षी
रामनगर। अक्तूबर माह में यहां रूडी शेल डक, कॉमन टील, नॉर्दर्न पिनटेल, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब, इबिसबिल, लैज पियड वैगटेल पक्षी पहुंचते हैं। मार्च में पक्षी वापस लौटते हैं। वहीं मार्च में इंडियन पित्ता, इंडियन पैराडाइस फ्लाईकैचर, चेस्टनट हेडेड, ब्लू टेल्ड बी ईटर, ब्लैक-नेप्ड मोनार्क जैसे पक्षी आते हैं जो सितंबर में लौटते हैं।
सीटीआर और उसके आसपास के जलाशयों में साल भर प्रवासी पक्षी प्रवास में आते हैं। पक्षियों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों की ओर से लगातार निगरानी की जाती है। इसके चलते हर साल पक्षियों की संख्या बढ़ रही है।
-डॉ. साकेत बडोला, निदेशक, सीटीआर।
फोटो 09 मई 01- रामनगर में इंडियन पैराडाइस फ्लाईकैचर की तस्वीर। स्रोत : दीप रजवार।