कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंज में बाघ और गुलदार में हुए संघर्ष में गुलदार की मौत हो गई। सीटीआर प्रशासन ने गुलदार का मौके पर ही पोस्टमार्टम कराया, उसके बाद जलाकर नष्ट कर दिया।
ढेला रेंज के सांवल्दे क्षेत्र अंतर्गत दक्षिणी बीट के कक्ष संख्या-52 में गश्त के दौरान वनकर्मियों ने गुलदार का शव पड़ा देखा तो विभागीय अधिकारियों को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे विभागीय अधिकारियों ने पशु चिकित्सक दुष्यंत कुमार और योगेश अग्रवाल से पोस्टमार्टम करवाया। नर गुलदार की उम्र नौ साल आंकी गई है। उसके गले पर बाघ के पंजे के गहरे निशान और पिछला दाहिना पैर टूटा पाया गया, जिससे उसके बाघ से संघर्ष की आशंका जताई जा रही है।
गुलदार के सभी अंग सुरक्षित थे।
आपसी संघर्ष में बाघ के भी घायल होने की आशंका के मद्देनजर कॉर्बेट पार्क उपनिदेशक डा. साकेत बडोला, एसडीओ उमाकांत तिवारी और रेंजर संजय पांडे ने वनकर्मियों को साथ लेकर बाघ की तलाश में व्यापक अभियान चलाया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।