रामनगर। ढेला में महिला को मारने वाला वाला हमलावर बाघ रेस्क्यू टीम के हत्थे नहीं चढ़ रहा है। रविवार रात और सोमवार सुबह घटनास्थल पर बाघ के पदचिह्न नहीं मिले हैं। फिलहाल पिंजरा, कैमरा ट्रैप, ड्रोन और हाथियों से गश्त की जा रही है।
शुक्रवार को जंगल में लकड़ी बीनने गई सांवल्दे पश्चिमी निवासी सुखिया देवी (65) पत्नी चंदन सिंह को बाघ ने मार डाला था। हमलावर बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने घटनास्थल पर पिंजरा लगाया है जहां पर मृतका के कपड़े रखे हुए हैं। वन विभाग के मुताबिक बाघ जिसका शिकार करता है उसकी गंध को पहचानता है। ऐसे में वृद्धा के कपड़ों की गंध के पास बाघ जरूर आएगा। बाघ को पकड़ने के लिए मौके पर एक अतिरिक्त पिंजरा लगाया गया है और हाथियों से गश्त की जा रही है। अब तक बाघ से वन कर्मियों का सामना नहीं हो पाया है। बाघ को ट्रैंक्यूलाइज करने के लिए पशु चिकित्सक ने घटनास्थल के आसपास डेरा डाला हुआ है। एसडीओ कालागढ़ अमित ग्वासीकोटी ने बताया कि बाघ अब तक पकड़ में नहीं आया है, उसकी तलाश में वनकर्मियों की टीम जुटी है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए बैठक
रामनगर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत रामनगर रेंज स्थित जुड़का वन परिसर में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए हुई गोष्ठी में डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने कहा कि इस मुद्दे पर संवेदनशील, सतर्क एवं मानवीय रवैया अपनाया जाए। डीएफओ ने अधिकारियों, कर्मचारियों को अवैध पातन, अवैध खनन एवं अतिक्रमण की रोकथाम करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीओ किरन शाह, रेंजर डीएन सुनाल, वन दरोगा प्रमोद पंत, मो. इमरान आदि रहे। संवाद