भोटिया पड़ाव पुलिस ने गैंगवार में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने उनको न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। इस घटना में एक अन्य आरोपी को भी पुलिस तलाश रही है।
सुभाष नगर निवासी मनीष मटियानी शुक्रवार को भोटिया पड़ाव टैक्सी स्टैंड पर चालकों से बातचीत कर रहा था। इस बीच दूसरी गैंग के युवकों ने हेमंत थापा पर हुए हमले को लेकर पहले मनीष से बहस की। इसके बाद फायर झोंक दिया हालांकि हमले में मनीष और उसके समीप खड़ा एक सिपाही बच गया। घटना के बाद सूचना मिलने पर कोतवाल आर एस मेहता के नेतृत्व में पुलिस ने छापा मारकर तीन लोगों को धर दबोचा। पकड़े गए युवकों में बैलाजाली लॉज निवासी सुमित बिष्ट, रवि आर्या और सोनू घिंडियाल शामिल हैं। पुलिस ने तीनों की निशानदेही 12 बोर का एक और .315 बोर के दो तमंचों को बरामद किया।
मनीष की तहरीर पर पुलिस ने चार युवकों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया। चौकी प्रभारी लक्ष्मण सिंह जगवाण ने शनिवार को गिरफ्तार लोगों को अदालत में पेश किया। अदालत ने तीनों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। पुुलिस एक अन्य आरोपी को पकड़ने का प्रयास कर रही है। इधर कोतवाली पुलिस मनीष मटियानी और हृदयेश गैंग के सदस्यों की सूची और आपराधिक कुंडली तैयार कर रही है। पुलिस को आशंका है कि दोनों गैंग के लोग फिर भिड़ सकते हैं। इसी कारण पुलिस सतही तैयारी कर रही है।
दोनों गैंग के सिर पर सफेदपोशों के हाथ
हल्द्वानी। गैंगवार के तहत गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने समझा कि सामान्य मामला है लेकिन सफेदपोशों के फोन कॉल आने पर पुलिस के माथे पर भी बल पड़ गए। दोनों गैंग के सिर पर सफेदपोशों का हाथ है। सफेदपोश गैंग के पुराने इतिहास को नहीं खंगालने के लिए दबाव बना रहे हैं। पता चला है कि सफेदपोश दोनों गैंग से चुनाव के दौरान अपना स्वार्थ साधते हैं।