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Nainital News: टीबी सैनिटोरियम की उखड़ती सांसों को प्रस्तावों के भरोसे छोड़ा

Mon, 27 Jul 2026 12:23 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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नैनीताल। प्रदेश सरकार भवाली सेनिटोरियम को आधुनिक मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने का दावा कर रही है लेकिन हकीकत यह है कि प्रदेश का ऐतिहासिक टीबी सेनिटोरियम आज खुद बदहाली का शिकार है। पहले इसे चेस्ट स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने की योजना फेल हुई तो अब मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का प्रस्ताव शासन में धूल फांक रहा है।
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225 एकड़ में फैले इस अस्पताल को मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने के लिए करीब 250 करोड़ रुपये का प्रस्ताव निदेशालय स्तर से शासन को वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है लेकिन यह प्रस्ताव अब भी शासन स्तर पर लंबित है। उधर, अस्पताल में करोड़ों की मशीनें वर्षों से धूल फांक रही हैं, कई भवन जर्जर हो चुके हैं और कभी 378 बेड वाला अस्पताल अब केवल 60 बिस्तरों तक सिमटकर रह गया है।
भवाली टीबी सेनिटोरियम की स्थापना वर्ष 1912 में ब्रिटिश शासनकाल में हुई थी। इस क्षेत्र की जलवायु टीबी मरीजों के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है। बीते वर्ष लगभग 50 लाख रुपये की लागत से कार्यालय, स्टोर, एक्सरे कक्ष, फार्मेसी और लैब की मरम्मत कराई गई लेकिन अस्पताल संसाधनों की कमी और जर्जर ढांचे से जूझ रहा है। संवाद
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2004 में बनी थी चेस्ट स्पेशियलिटी अस्पताल की योजना
अस्पताल को वर्ष 2004 में चेस्ट स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की योजना बनी थी। इसके तहत यहां सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम सहित कई आधुनिक मशीनें स्थापित की गई थीं लेकिन योजना आगे नहीं बढ़ सकी और रखरखाव के अभाव में अधिकतर मशीनें खराब हो गईं। फिर बीते वर्ष नैनीताल दौरे पर पहुंचे चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक ने भवाली सेनिटोरियम को मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया था कि इसके लिए लगभग 250 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा गया है। साथ ही अस्पताल के लिए कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन, नेफ्रोलॉजिस्ट सहित 246 पदों के सृजन का भी प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि प्रस्ताव पर अब तक शासन से अंतिम स्वीकृति नहीं मिल सकी है।


वर्ष 2004 में सेनिटोरियम को चेस्ट स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने की योजना बनी थी। उस समय कई आधुनिक मशीनें लगाई गईं, लेकिन आगे काम नहीं बढ़ने से वे खराब हो गईं। अब मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जो शासन स्तर पर लंबित है।
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- डॉ. संजीव खर्कवाल, प्रभारी पीएमएस, भवाली सेनिटोरियम अस्पताल


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