कुमाऊं क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के माध्यम बढ़ने से प्रतिव्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। आमदनी और उसके स्रोतों में इजाफा होने से आयकर रिटर्न के दायरे में आने वालों की संख्या भी 1.40 लाख पहुंच गई है। कुमाऊं से रिटर्न फाइल होने से आयकर विभाग को 190 करोड़ का राजस्व मिलेगा। जो कि पिछले साल की तुलना में 15 फीसदी अधिक होगा। पिछले साल तक करदाताओं की संख्या भी करीब 1.27 लाख थी।
आयकर रिटर्न फाइल करने की आखिरी तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर पांच अगस्त की गई है। आयकर के दायरे में आने वाले सभी करदाताओं को निर्धारित तिथि तक रिटर्न फाइल करनी होगी। पांच लाख रुपये सालाना आमदनी पर 10 फीसदी टैक्स और 10 लाख तक 20 फीसदी टैक्स देना होगा। आयकर विशेषज्ञ कमल कोठारी के मुताबिक यदि किसी करदाता की आमदनी 4.90 लाख सालाना है तो उसे दो हजार की छूट मिलेगी। पांच अगस्त तक रिटर्न फाइल करने की ड्यू डेट है।
ड्यू डेट तक रिटर्न फाइल नहीं होने के करदाताओं को कई नुकसान झेलने पड़ेंगे। विशेषज्ञों के मुताबिक ड्यू डेट निकलने के बाद करदाता अपनी रिटर्न को रिवाइज नहीं कर पाएंगे। टैक्स पर प्रतिदिन के हिसाब से ब्याज देना होगा। लॉस को कैरी फारवर्ड नहीं कर पाएंगे। जबकि ड्यू डेट पर रिटर्न फाइल करने पर लॉस को आठ साल तक कैरी फारवर्ड किया जा सकता है। आयकर अधिवक्ताओं के मुताबिक अधिकांश करदाता रिटर्न फाइल कर चुके हैं। रिटर्न आनलाइन फाइल होने से आयकर विभाग के सर्वर में लोड बढ़ा है। 28 जुलाई को सर्वर पूरी तरह लड़खड़ा गया था। चार और पांच अगस्त को भी सर्वर में लोड बढ़ सकता है।