नैनीताल। दूसरों को नियमों का पाठ पढ़ाने वाले सरकारी महकमे खुद कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। नैनीताल जिले में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य और वन विभाग समेत विभिन्न सरकारी उपक्रमों की 148 गाड़ियां बिना फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रही हैं। बेहद हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें मरीजों की जान बचाने वाली कई एंबुलेंस भी शामिल हैं जिनकी फिटनेस अवधि खत्म हो चुकी है। सरकारी अधिकारियों की यह लापरवाही रोजाना हजारों लोगों और मरीजों की जिंदगी को जोखिम में डाल रही है।
आम वाहन चालकों पर फिटनेस, परमिट और अन्य नियमों को लेकर सख्ती बरतने वाले सरकारी विभाग खुद नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और सरकारी उपक्रमों से जुड़ीं 148 गाड़ियां फिटनेस अवधि समाप्त होने के बावजूद सड़कों पर दौड़ रही हैं। जीबी पंत अस्पताल, बीडी पांडे अस्पताल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय और अन्य चिकित्सा इकाइयों की कई एंबुलेंस वर्ष 2022, 2023 और 2024 में ही फिटनेस अवधि पूरी कर चुकी हैं। इसके बावजूद इन वाहनों का संचालन किया जा रहा है। तकनीकी रूप से असुरक्षित वाहनों के संचालन से मरीजों, कर्मचारियों और आम जनता की जान जोखिम में पड़ सकती है। सूची में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, जिला पंचायत, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संस्थान, नगर पालिका परिषद नैनीताल, नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम, नगर पंचायत लालकुआं, भीमताल और कालाढूंगी सहित कई विभागों के वाहन शामिल हैं। इनमें बसें, कारें, मालवाहक वाहन और अग्निशमन वाहन तक शामिल हैं जिनकी फिटनेस अवधि वर्षों पहले समाप्त हो चुकी है। इससे न केवल विभागीय अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है बल्कि राहगीरों और यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
निकाय की गाड़ियों में भी लापरवाही
नगर निकायों के कूड़ा वाहन और अन्य सेवा वाहन भी लंबे समय से बिना फिटनेस के संचालित हो रहे हैं। सवाल यह है कि जब आम जनता को नियमों का पालन करने के लिए बाध्य किया जाता है तो सरकारी विभाग स्वयं नियमों का पालन क्यों नहीं कर रहे हैं। आरटीओ ने संबंधित विभागों को्र्र नोटिस जारी कर तत्काल फिटनेस परीक्षण कराकर प्रमाणपत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी गई है कि फिटनेस नवीनीकरण नहीं कराने वाले वाहनों को सीज किया जाएगा।
जिन विभागों के वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। समय पर फिटनेस नहीं कराने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - अरविंद कुमार पांडेय, आरटीओ प्रवर्तन
सभी विभागों को वाहनों की फिटनेस कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। जनता से पहले सरकारी विभागों के वाहनों का फिट होना जरूरी है। फिटनेस न कराने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -ललित मोहन रयाल, डीएम, नैनीताल