छात्र संघ चुनावों में छात्र नेताओं को सार्वजनिक संपत्ति को बैनर और पोस्टर से पाटने से परहेज करना होगा। रुद्रपुर के एक मामले में हाईकोर्ट ने साफ तौर बैनर, पोस्टर हटाने में पुलिस सहायता तक लेने का आदेश जारी किया है।
रुद्रपुर राइजिंग संस्था ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि छात्र संघों के चुनाव में प्रत्याशी पोस्टर, बैनर आदि सार्वजनिक संपत्तियों पर भी चस्पा कर रहे हैं। यह जेएम लिंगदोह कमेटी के प्रस्तावों का उल्लंघन है।
पूर्व में हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को आदेशित किया था कि वह कोर्ट को ये बताएं कि लिंगदोह कमेटी के प्रस्तावों के अलावा ऐसा कोई कानून है जिसके तहत छात्र संघ के प्रत्याशियों को पोस्टर व बैनर लगाने से रोका जा सकता हो।
इसके जवाब में राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि उत्तराखंड प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट 2003 तथा 2009 के नियमों के तहत छात्र संघ के प्रत्याशियों को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोका जा सकता है।
सभी जिलाधिकारियों, नगर निगमों के मुख्य नगर अधिकारियों, सभी नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को यह सूचना दी जा चुकी है। बुधवार को मुख्य न्यायाधीश के एम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ ने जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए प्रशासन को आदेश दिया कि जरूरत पड़ने पर रुद्रपुर में पु़लिस की सहायता भी ली जाए।