नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते शहर में जहां-तहां गंदगी के ढेर लग गए हैं। वहीं, बुधवार को ढाई घंटे से भी अधिक समय तक पालिकाध्यक्ष, एसडीएम तथा स्वच्छकार कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों की त्रिस्तरीय वार्ता हुई।
वार्ता के दौरान पालिकाध्यक्ष ने खेद व्यक्त नहीं करने से कई बार वार्ता विफल होती रही, लेकिन बाद में जिला प्रशासन की अपील और एसडीएम की ओर से काफी समझाने के बाद आखिरकार संघ के नेता मान गए।
उन्होंने साफ किया कि वह पालिकाध्यक्ष नहीं बल्कि एसडीएम की भावनाओं का सम्मान करते हुए जनहित में बृहस्पतिवार से काम पर लौटेंगे। मामले में जिला प्रशासन व संघ के नेताओं में लिखित समझौता हुआ।
बता दें कि आठ अगस्त को साथी कर्मचारी की पत्नी के इलाज के संबंध में आर्थिक मदद के लिए कर्मचारियों का शिष्टमंडल पालिकाध्यक्ष से मिलने गया था। उस समय वित्त समिति की बैठक ले रहे पालिकाध्यक्ष ने संघ के नेताओं से वार्ता करने से इंकार कर दिया था।
उनके व्यवहार से नाराज होकर सफाई कर्मी पालिकाध्यक्ष के माफी मांगने की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार पर चले गए थे। बुधवार को डीएम दीपक रावत के आदेश के बाद दो बजे एसडीएम बंदना सिंह पालिका पहुंचीं।
पालिकाध्यक्ष के कक्ष में त्रिस्तरीय वार्ता हुई। शाम करीब चार बजे एसडीएम बंदना सिंह ने आंदोलित कर्मियों को मनाने में कामयाबी हासिल की। वार्ता में संघ के नेताओं की ओर से दिनेश कटियार, विजय भैय्या, गोविन्द टांक, सोनू सहदेव समेत पालिका के अधिकारियों ने भाग लिया।
नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मारुति नंदन साह ने भी सफाई कर्मियों की ओर से जनहित में उठाएं गए कदम की सराहना की है।