डीआईजी पुष्कर सिंह सैलाल के अपराध समीक्षा बैठक में अफसरों के पेंच कसते ही पुलिस को फड़ एवं ठेली वालों के सत्यापन की याद आई। रविवार को थाना एवं चौकी प्रभारियों ने बाजारों में फड़ एवं ठेली वालों के सत्यापन का अभियान चलाया।
पुलिस को देख बाजारों में बेतरतीब फड़ एवं ठेली लगाने वाले गायब हो गए। दो घंटे के अभियान में पुलिस ने 270 फड़ एवं ठेली वालों का सत्यापन किया। इस दौरान नो पार्किंग जोन में खड़े कई वाहनों को भी सीज किया। किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराने पर चार मकान मालिकों का दस-दस हजार का चालान भी किया गया।
कोतवाली निरीक्षक आरएस मेहता के नेतृत्व में टीम दोपहर में राजपुरा पहुंची। राजपुरा में फड़ एवं ठेली वालों का सत्यापन किया। पुलिस को देख अतिक्रमणकारियों में खलबली मच गई। पुलिस ने अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों का चालान किया। दर्जनों फड़ एवं ठेली वालों की आईडी चेक की।
राजपुरा के बाद टीम ने रामलीला मैदान, मंगल पड़ाव, बाजार क्षेत्र, तिकोनिया, भोटिया पड़ाव, पटेल चौक और रोडवेज स्टेशन में निरीक्षण किया। रोडवेज स्टेशन और बाजारों में बेतरतीब फड़ एवं ठेली वाले पुलिस को देखते ही गायब हो गए।
इंस्पेक्टर मेहता ने बताया कि अभियान में 34 अतिक्रमणकारियों का चालान हुआ। अधिकतर फड़ एवं ठेली वालों के पूर्व में सत्यापन और निगम के लाइसेंस मिले। टीम ने 270 लोगों के सत्यापन किया। दुकानदारों से कहा कि दुकानों में काम करने वालों का सत्यापन जरूरी है।
सत्यापन कराना दुकानदार की जिम्मेदारी है। दुकान में काम करने वालों का सत्यापन नहीं होने पर दुकानदार का चालान काटा जाएगा। दुकानों के आगे वाहन खड़े करने वालों को भी चेतावनी दी गई। पुलिस ने मुनादी कर कहा कि दुकानदार अपने वाहनों को रामलीला मैदान में पार्क करेंगे।