ऑपरेशन कालनेमि के तहत बाबा को चिन्हित करती पुलिस। मीडिया सेल
हल्द्वानी। नकली बाबाओं पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। ऑपरेशन कालनेमि के तहत पुलिस ने जिले में फर्जी 25 बाबा को चिह्नित कर नौ का चालान किया है। ये बाबा ने धार्मिक चोला पहनकर आस्था के नाम पर ठगी का मायाजाल फैलाए हुए थे। हालांकि इनका शिकार तो कोई नहीं बना है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले में युद्ध स्तर पर ऑपरेशन कालनेमि शुरू हो चुका है। इसका उद्देश्य समाज में ढोंग, अंधविश्वास और धार्मिक आस्था के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी बाबाओं की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना है। रविवार को मंदिरों, आश्रमों, सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस टीमों ने एक साथ सर्च अभियान चलाया। संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन किया। दस्तावेज की गहन जांच की। पुलिस ने जिले भर में फर्जी 25 बाबाओं को चिह्नित किया है। इनमें से कई के विरुद्ध पुलिस अधिनियम में चालान किया गया। टीमों ने सार्वजनिक स्थलों, मंदिर परिसरों, डेरे, आश्रमों और अन्य धार्मिक गतिविधियों पर नजर रखनी भी शुरू कर दी है।
कहां कितने ढोंगी चिह्नित
क्षेत्र : चिह्नित : चालान
काठगोदाम : 03 : 01
मुखानी : 01 : 01
कालाढूंगी : 04 : 02
लालकुआं : 07 : 02
रामनगर : 10 : 03
लोग किसी भी प्रकार के ढोंग, ठगी या धर्म के नाम पर शोषण का शिकार होने से बचें। कोई फर्जी बाबा दिखे तो इसकी सूचना पुलिस को दीजिए। धर्म की आड़ में आम जनता से ठगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- पीएन मीणा एसएसपी
नाम कालनेमि ही क्यों
पंडित मदन मोहन पाठक कहते हैं कि रामायण में कालनेमि नाम का मायावी राक्षस था। युद्ध के समय मेघनाद के शक्ति बाण से लक्ष्मण के मूर्छित होने पर हनुमान संजीवनी लेने हिमालय का रुख करते हैं। इन्हें रोकने के लिए रावण ने कालनेमि को भेजा। कालनेमि साधु का रूप बनाकर हनुमान को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करता है लेकिन पवनपुत्र उसे पहचान लेते हैं और वध कर देते हैं।
ऑपरेशन कालनेमि के तहत बाबा को चिन्हित करती पुलिस। मीडिया सेल