सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में नारेबाजी करते दमुवाढूंगा क्षेत्र के लोग। संवाद
हल्द्वानी। दमुवाढूंगा के लोगों ने मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट का घेराव किया। उन्होंने कहा कि कुछ समय पूर्व यहां के लोगों ने अपनी भूमि का तारबाड़ कर घेराव किया था। एक दिन पूर्व जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) की टीम तारबाड़ तोड़ने के लिए पहुंच गई। उन्होंने कहा कि आठ साल से यहां के लोग अपने अधिकारों से वंचित है इस तरह की कार्रवाई का वह पुरजोर विरोध करेंगे।
दमुवाढूंगा के लोग सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने डीडीए और जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। कहा कि वर्ष 2016 में दमुवाढूंगा क्षेत्र को चिह्नित कर राजस्व क्षेत्र में शामिल किया गया। इसके बाद 16 दिसंबर 2016 को गजट नोटिफिकेशन कर यहां के लोगों को असंक्रमणीय अधिकार वाला भूमिधर घोषित किया गया था।
इसके बाद राज्य सरकार ने विहित प्रक्रिया शुरू करनी थी। इसके लिए सर्वेक्षण और अभिलेख प्रक्रिया शुरू की गई। 13 मई 2020 को इसे फिर बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि असंक्रमणीय भूमिधर घोषित होने के बाद भी वर्तमान में न तो आवासीय और व्यावसायिक नक्शा भी पास नहीं हो पा रहा है।
जिला विकास प्राधिकरण हमें अवैध कब्जेदार समझ रहा है और आए दिन लोगों को नोटिस भेज रहा है। जमीन में किए गए तारबाड़ को तोड़ने के लिए बार-बार टीम पहुंच रही है जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
इस मौके पर हरीश लाल, महेशानंद, शिव गणेश, अश्विनी , भुवन चंद, हरीश चंद, पूरन चंद, पुष्पा देवी, अनीता देवी, सचिन, नंदी देवी, गणेश, कैलाश चंद, लाल सिंह पंवार आदि मौजूद रहे।