हल्द्वानी। जमीन के मालिकाना हक के लिए पिछले 33 दिनों से गांव में धरना देने के बाद शनिवार को लोगों ने भारतीय किसान महासभा बागजाला कमेटी के नेतृत्व में बुद्ध पार्क में भूमि अधिकार सम्मेलन किया। सम्मेलन में सुल्तानगरी, पूछड़ी रामनगर, दानीबंगर, बिंदुखत्ता, भूड़ाखत्ता, टांडा खत्ता, बनभूलपुरा, दमुवाढूंगा के लोग भी मांग के लिए मुखर हुए।
सम्मेलन में वन भूमि, नजूल भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना अधिकार देने की मांग उठाई गई। निर्णय लिया कि मांग पूरी नहीं होने पर कुमाऊं कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। मुख्य वक्ता भाकपा माले के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि सरकार के राज में जनता के पास लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
मसूरी में बालकृष्ण को सरकार कई एकड़ जमीन औने-पौने दाम पर दी जा रही है, दूसरी ओर गरीब जनता को सरकार उजाड़ने पर आमादा है। किसान नेता किशन बघरी ने कहा कि, बिंदुखत्ता राजस्व गांव के मामले में भी सरकार जनता को भ्रमित करने का काम कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने कहा कि सर्किट हाउस में वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया है। अध्यक्षता वरिष्ठ किसान नेता बहादुर सिंह जंगी और संचालन किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने किया। यहां यतीश पंत, केके बोरा, डाॅ. उर्मिला रैस्वाल, वेद प्रकाश, विमला देवी, कुंदन सिंह मेहता, इस्लाम हुसैन, जीआर टम्टा, मुकेश बौद्ध, नफीस अहमद खान, किशन बघरी आदि मौजूद रहे।