जिले में भूमि विनियमितीकरण की बाट जोह रहे सैकड़ों लोगों के लिए अच्छी खबर है। कैबिनेट बैठक में पिछले साल जारी भूमि विनियमितीकरण संबंधी उस शासनादेश में समय वृद्धि का प्रावधान कर दिया है, जो कि सोमवार को खत्म हो रहा था। सूत्रों की मानें तो सरकार इस बार फिर से वर्ष 2000 के सर्किल रेट के आधार पर भूमि को नियमित कराने का मौका दे सकती है।
जिले में नैनीताल, हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर समेत कई शहरों में रजिस्ट्री वाली पक्की भूमि के अलावा सैकड़ों हेक्टेयर भूमि आज भी वर्ग-3, वर्ग-4 और वर्ग-ख की है। गैर रजिस्ट्री वाली भूमि पर सैकड़ों परिवार वर्षों से काबिज हैं और उसे विनियमित कराने की मांग करते रहे हैं। इसे लेकर कई बार भूमिहीन मजदूरों से जुड़े संगठन आंदोलन भी कर चुके हैं।
सरकार ने पिछले साल भूमि विनियमितीकरण संबंधी शासनादेश जारी कर लोगों से इसके लिए आवेदन पत्र मांगे थे। राजस्व विभाग के अधिकारियों के पिछले साल सरकार ने सैकड़ों लोगों की गैर रजिस्ट्री वाली भूमि को वर्ष-2000 के सर्किल रेट के आधार पर नियमित किया था लेकिन उसके बाद भी कई लोगों के आवेदन पत्र लंबित रह गए थे। कैबिनेट बैठक में समय वृद्धि कर उन लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है, जिनके आवेदन पत्र लंबित थे।
लालकुआं में 1065 अवैध कब्जेदार
समय वृद्धि का लाभ राजस्व गांव लालकुआं के ऐसे लोगों को भी मिल सकता है जो कि अवैध कब्जेदार और पट्टेदार है। आंकड़ों के मुताबिक नगर पंचायत लालकुआं में 1065 अवैध कब्जेदार हैं। इनमें से 868 कब्जेदारों के पास 100 वर्ग मीटर तक और 197 कब्जेदारों के पास 100 वर्ग मीटर से अधिक भूमि है। पिछले साल लालकुआं में 340 लोगों ने भूमि विनियमितीकरण के लिए आवेदन किया था जिसमें से 319 ने शुल्क जमा किया। इनमें से सरकार ने 163 लोगों को विनियमितीकरण का लाभ दिया जबकि 166 लोगों के भूमि विनियमितीकरण का मामला अभी चल रहा है।