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Nainital News: अब एआई और डेटा एनालिटिक्स से टैक्स चोरों पर कस रहा शिकंजा

Fri, 12 Jun 2026 01:26 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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नैनीताल। नैनीताल में पिछले कुछ समय से जीएसटी चोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं जिससे सरकार के राजस्व को लाखों का नुकसान हो रहा है। राज्य कर विभाग के अनुसार, कुछ कारोबारी टैक्स बचाने के लिए एक ही व्यवसाय में कई पेमेंट गेटवे और अलग-अलग बैंक खातों का उपयोग कर वास्तविक टर्नओवर छिपा रहे हैं।
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इन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जीएसटी विभाग ने डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित आधुनिक निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। विभाग अब बैंकिंग लेनदेन, ई-वे बिल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और पेमेंट गेटवे से प्राप्त आंकड़ों का मिलान कर रहा है। कर चोरी का संदेह होने पर विशेष जांच दल मौके पर जाकर दस्तावेजों और स्टॉक का सत्यापन कर रहे हैं। हाल के महीनों में कई होटलों और रेस्टोरेंट में लाखों रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। विभाग ने व्यापारियों से सही बिल जारी करने और वास्तविक कारोबार का विवरण जीएसटी रिटर्न में दर्ज करने की अपील की है।

जीएसटी चोरी के ये तरीके भी अपना रहे कारोबारी
बतातें हैं कि कागजों पर फर्जी कंपनियां बनाकर बिना वास्तविक कारोबार के बिल जारी किए जाते हैं। इन बिलों के आधार पर आईटीसी का गलत लाभ लिया जाता है। ग्राहक को बिल दिए बिना सामान बेच दिया जाता है जिससे बिक्री का रिकॉर्ड जीएसटी पोर्टल तक नहीं पहुंचता और कर बचाया जाता है। माल की वास्तविक मात्रा, वजन या मूल्य से अलग जानकारी देकर ई-वे बिल तैयार किया जाता है। ऑनलाइन बिक्री की वास्तविक राशि छिपाने के लिए अलग-अलग भुगतान माध्यमों का उपयोग किया जाता है ताकि पूरा कारोबार रिकॉर्ड में न आए। नकद बिक्री को खातों में दर्ज नहीं किया जाता जबकि डिजिटल भुगतान का केवल एक हिस्सा ही दिखाया जाता है।
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केस-एक

- 28 मई को ज्योलीकोट स्थित एक होटल की जांच की गई थी। इसमें अक्तूबर से मार्च के बीच होटल की ओर से करीब 3.5 करोड़ रुपये का व्यापार कर लगभग 25 लाख रुपये की कर देयता घोषित की गई। नोटिस मिलने के बाद होटल ने तत्काल 10 लाख रुपये ब्याज सहित जमा कर दिए हैं।
केस-दो

-28 मई को बड़ा बाजार मल्लीताल स्थित एक रेस्टोरेंट ने लंबे समय से जीएसटी जमा नहीं किया था। पिछले आठ माह में रेस्टोरेंट ने करीब 20 लाख रुपये का कारोबार किया था। नोटिस के बाद रेस्टोरेंट ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए एक लाख रुपये ब्याज सहित जमा किए।
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