आखिर कम उम्र में ही बाघिन आदमखोर कैसे बन गई। इस सवाल का जवाब देना भी वन विभाग के अफसरों के लिए चुनौतिपूर्ण है। प्रथमदृष्टया दांत टूटने और नाखून उतरने की वजह से इसका आदमखोर होना माना जा रहा है।
अमूमन उम्र की अधिकता, बीमारी और दांत टूटने पर बाघ आदमखोर हो जाता है, लेकिन आतंक का पर्याय बनी इस बाघिन की उम्र महज छह साल आंकी जा रही है।
पश्चिमी वृत के सीएफ डा. पराग मधुकर धकाते ने बताया कैमरा ट्रैप में बाघिन का दायीं तरफ का दांत टूटा दिखाई पड़ रहा है और ये किसी बीमारी से ग्रस्त भी दिख रही है।
साथ ही उसके एक नाखून का बक्कल भी निकला हुआ है। वह चार-पांच दिन से भूखी भी है। दांत टूटने और बीमारी की वजह से वह ज्यादा नहीं खा पा रही है। ये इसके आदमखोर होने के लक्षण है। अब इसके खात्मे के बाद ही और अधिक जानकारी मिल सकेगी।
एक सवाल और उठ रहा है कि यह बाघिन दूसरी जगह से आई या यहीं पली-बड़ी। इस पर भी वनाधिकारी गहन चिंतन में जुटे हैं।