मौलेखाल(अल्मोड़ा)। बीते रविवार को सल्ट के तड़म ग्रामसभा के तोक बौरङा में ग्रामीण महिपाल सिंह को वन्य जीव ने अपना निवाला बना दिया। जिसके बाद वन विभाग के प्रति क्षेत्रीय लोगों का गुस्सा फ़ूट पड़ा। ग्रामीणों के आक्रोश को शांत करने के लिए वन विभाग और प्रशासन ने पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का आश्वासन दिया और हमलावर बाघ या तेंदुए को शूटआउट करने की मांग को भी मान लिया।
ग्रामसभा तड़म के आसपास वन विभाग ने सर्च अभियान तेज कर दिया है। मौके पर तीन टीमों को मुस्तैद किया गया है। मंगलवार को तहसीलदार आबिद अली की ओर से पीड़ित परिवार के खाते में 6 लाख रुपये की धनराशि भी ट्रांसफर कर दी गई है। तड़म गांव के आसपास 32 तोकों के स्कूली बच्चों को वनकर्मियों की सुरक्षा में घर से स्कूल तक लाने ले जाने की व्यवस्था भी की गयी है। पिंजरे लगाने के साथ साथ कैमरा ट्रैप और ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही है। रेंजर गंगा शरण ने बताया कि सोमवार को चार पिंजरे लगाए गए थे। एक पिंजरा मंगलवार को भी लगाया गया है। कॉर्बेट से आयी शूटरों की टीम अंधेरा होने के बाद एक्टिव मोड मे रहती है। उन्होंने कहा कि किसी भी जीव को सीधा शूट नहीं किया जाएगा। रेंजर गंगा शरण ने बताया कि टीम बाघ या तेंदुए को पहले ट्रेंकुलाइज करेगी फिर उसका सैंपल के आधार पर चिकित्सकीय परीक्षण किया जाएगा। ग्रामीणों पर हमला करने वाले जीव की पुष्टि होने के बाद ही नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
चार लाख के लिए करना पड़ सकता है इंतजार
पीड़ित परिवारों को बची हुई चार लाख की धनराशि के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले हमलों में जान गंवाने वाले ग्रामीणों के परिजनों को लंबा समय गुजर जाने के बाद भी बची हुई मुआवजा राशि अभी तक नहीं मिल पाई है। विभाग की ओर से दी जाने वाली छह लाख की राशि तुरंत दे दी जाती है मगर बची हुई चार लाख की धनराशि शासन स्तर से दी जाती है। शासन स्तर से कब तक पीड़ितों के खाते तक पहुंचेगी, या अभी कहना मुश्किल है।
कोट
पीड़ित परिवार को मुआवजे की छह लाख की राशि ट्रांसफर कर दी गई है। बाकी बची हुई चार लाख की धनराशि शासन द्वारा दी जाएगी। - आबिद अली, तहसीलदार सल्ट
कोट
सभी तीन टीमों को प्रभावित क्षेत्र में अलर्ट मोड पर रखा गया है। ग्रामीणों की सुरक्षा हेतु जागरूकता कार्यक्रम किये जा रहे हैं। स्कूल के बच्चों को सुरक्षा प्रदान की गयी है। क्षेत्र में एक पिंजरा आज लगाया गया है कुल पांच पिंजरे अभी तक लगाये जा चुके हैं। बाकी और पिंजरों की व्यवस्था भी की जा रही है। - गंगा शरण, वन क्षेत्राधिकारी मोहान रेंज