हल्द्वानी। सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम के शिकंजे में फंसा आरपीएफ दरोगा हरीश सरल स्वभाव का बताया जाता है। चर्चा है कि लालकुआं रेलवे स्टेशन के बिजली अनुभाग के कर्मी जसवीर के झांसे में वह आ गया। जसवीर के शातिर होने के कारण ही सीबीआई ने उसे नहीं बख्शा और गिरफ्तार कर लिया।
सीबीआई टीम ने सुबह ही काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर डेरा डाल दिया था। वहीं दरोगा और रेलवेकर्मी को बुलाया गया था। उन दोनों के पकड़े जाने से पहले से किसी को टीम के आने की खबर तक नहीं लगी। दोनों की गिरफ्तारी के बाद घेराबंदी देखकर लोग भौंचक नजर आए। टीम दोनों को अपने साथ लेकर चली गई। इसके बाद चर्चाओं का दौर शुरू हुआ। आरपीएफ और रेलवे के कर्मचारी इन दोनों की कार्यप्रणाली पर चर्चा करते नजर आए। कुछ लोगों का कहना था कि दरोगा हरीश काफी अनुभवी है और सरल भी। वह ऐसे झांसे में आने वाला नहीं था। जसवीर ने अपने लालच में उसे फंसवा दिया। हरीश के रिटायरमेंट के पांच साल शेष है। इधर टीम ने दोनों से रेलवे के गेस्ट हाउस में पूछताछ की। रविवार देर रात तक टीम काठगोदाम में डेरा डाले रही। सूत्रों के अनुसार टीम दोनों को अपने साथ लेकर जाएगी। इस दौरान पूरे घटनाक्रम की खबर से स्टेशन कर्मियों में हड़कंप मचा रहा। पांच अफसरों के नेतृत्व में टीम तीन गाड़ियों से पहुंची थी।