दूरस्थ क्षेत्र तो दरकिनार सरोवरनगरी से सटे इलाके भी विकास से कोसो दूर हैं। इन्हीं में एक है देवीधुरा पंचायत, जिसे आज तक सड़क सुविधा भी नहीं मिल सकी। तीन किमी की पगडंडी पर चलकर ग्रामीण सड़क तक पहुंचते हैं। मरीज को सड़क तक लाना सबसे मुश्किल काम है। शुक्रवार को भी ग्रामीण ऐसे ही हालात से दो-चार हुए। पेड़ से गिरकर घायल हुई महिला को डोली में बैठाकर लाना पड़ा।
नैनीताल-हल्द्वानी एनएच पर बल्दियाखान के समीप देवीधुरा पंचायत क्षेत्र में जमीरा, सौलिया, कूण आदि गांव हैं, जिनमें प्रत्येक गांव में आनुपातिक रूप से 40 से 50 परिवार रहते हैं। आज भी इन गांवों में जंगल में पखडंडीनुमा रास्ते हैें। शुक्रवार की सुबह लगभग 8 बजे रूपा देवी पत्नी बहादुर सिंह रावत पेड़ से पत्ते काट रही थी।
अचानक अनियंत्रित होकर वह गिर गई। घायल महिला को लेकर ग्राम प्रधान हिमांशु पांडे और ग्रामीण डोली में बैठाकर 3 किमी दूर बल्दियाखान मार्ग तक लाए। वहां से हल्द्वानी ले गए। उन्होंने बताया कि गांव में प्राथमिक उपचार की भी सुविधा नहीं है। इस बीच महिला दर्द से कराहती रही, ग्रामीणों के पास ढांढस बंधाने के अलावा कोई चारा नहीं था।
ग्रामीण प्रवीण, रवींद्र रावत, बालम, सिंह, पूरन सिंह, महेंद्र, बिपिन, चंद्रेश, देवेंद्र आदि ने महिला की मदद की। उन्होंने जिला प्रशासन से गरीब महिला के इलाज के व्यवस्था कराने की मांग की।