कैंसर के मरीजों का आधुनिक मशीनों से होगा इलाज
- फोटो : demo pic
मरीज की सर्जरी कैंसिल करने और अव्यवस्थाओं से त्रस्त न्यूरो सर्जन ने इस्तीफा को लेकर दिया नोटिस वापस नहीं लिया है। हालांकि चिकित्सा-शिक्षा सचिव ने चिकित्सा-शिक्षा निदेशक को अस्पताल में व्यवस्था सुचारु रखने और मामले को हल करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
जेआर के न्यूरो और हार्ट संबंधी सर्जरी कैंसिल करने के साथ मरीज को रेफर करने के मामले ने तूल पकड़ लिया था। अव्यवस्थाओं से त्रस्त असिस्टेंट प्रोफेसर/न्यूरो सर्जन डॉ. मिथिलेश पांडे ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया था।
इस मामले को चिकित्सा-शिक्षा सचिव/मंडलायुक्त डी सैंथिल पांडियन ने गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष स्याना को तलब कर लिया था। पांडियन के सख्त रुख के चलते राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बुधवार की देर रात ही डॉ. पांडे से संपर्क साधकर मनाने की कोशिश की थी।
बृहस्पतिवार को भी चिकित्सा-शिक्षा निदेशक और प्राचार्य डॉ. पांडे को मनाने की कोशिश करते रहे। पांडियन ने डॉ. स्याना को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि अस्पताल मेें अव्यवस्था नहीं व्यवस्था चाहिए साथ ही मामले का समाधान निकालने को भी कहा है।
डॉ. स्याना ने बताया कि डॉ. पांडे से बात कर समाधान निकाल लिया जाएगा। डॉ. पांडे ने बताया कि प्राचार्य डॉ. भैसोड़ा दो-तीन दिन के लिए बाहर हैं और उन्होंने लौटकर आने के बाद बात करने को कहा है। साथ ही काम में होने वाली अड़चनों को भी दूर करने का आश्वासन दिया है। डॉ. पांडे ने अभी तक इस्तीफे को लेकर दिया नोटिस वापस नहीं लिया है।