नैनीताल। हाईकोर्ट ने कॉफी में नशीला पदार्थ खिलाकर वादी के साथ बलात्कार कर अश्लील सीडी बनाकर ब्लैकमेल करने के एक मामले में कोई पुख्ता सबूत न होने पर याचिकाकर्ता के खिलाफ दायर चार्जशीट निरस्त कर दी है। न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई चार अक्टूबर को हुई थी।
वित्त विपणन विभाग मंडी समिति रुद्रपुर के अधिकारी रहे विवेक स्वरूप ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उसके खिलाफ निचली अदालत में दायर चार्जशीट को चुनौती देते हुए कहा था कि हल्द्वानी निवासी शिकायतकर्ता ने याचिकाकर्ता के खिलाफ 12 जनवरी 2014 को झूठी एफआईआर दर्ज कराई।
आरोप लगाया था कि उसने शिकायतकर्ता के साथ माह अक्टूबर 2012 को उसे अपने घर बुलाकर कॉफी में नशीला पदार्थ खिलाकर बलात्कार कर उसकी अश्लील सीडी बनाकर ब्लैकमेल करना चाहा। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि उसे इस प्रकरण पर झूठा फंसाया गया है।
एफआईआर दर्ज कराने में भी लगभग डेढ़ साल की देरी से दर्ज कराई गई। कोर्ट ने एफआईआर में देरी का स्पष्ट कारण न होने के कारण याचिका को स्वीकार कर उसके खिलाफ दायर चार्जशीट और समन को निरस्त कर दिया।