नैनीताल। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किशोरियों को स्वास्थ्य और उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाने के लिए विमर्श संस्था एक सराहनीय अभियान चला रही है। वर्तमान में यह संस्था जिले के चार विकासखंडों- भीमताल, धारी, बेतालघाट और कोटाबाग के 40 चयनित गांवों में सक्रिय है, जहां 1000 से अधिक किशोरियां सीधे तौर पर इस मुहिम से जुड़ी हैं।
अक्सर ग्रामीण परिवेश में किशोरियों के स्वास्थ्य और व्यक्तिगत बदलावों पर खुलकर चर्चा नहीं हो पाती। इसी झिझक को दूर करने के लिए संस्था की समन्वयक कंचन भंडारी के नेतृत्व में नियमित मासिक बैठकों का आयोजन किया जाता है। इन बैठकों में माहवारी स्वच्छता, जेंडर असमानता, प्रजनन और यौनिक स्वास्थ्य और किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों पर विस्तार से जानकारी दी जाती है।
संस्था का मुख्य उद्देश्य किशोरियों में आत्मविश्वास जगाना है ताकि वे अपने जीवन और स्वास्थ्य से जुड़े निर्णय स्वयं ले सकें। यह पहल न केवल उन्हें जागरूक कर रही है बल्कि सामाजिक कुरीतियों को दूर कर ग्रामीण अंचलों में एक सकारात्मक बदलाव की नींव भी रख रही है।