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ऑपरेशन स्माइल : आंगन से लापता हुईं खुशियां मुस्कान के साथ लौटीं

Wed, 11 Feb 2026 02:15 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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प्रतीकात्मक
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हल्द्वानी। पिछले सात साल (2019 से 2025 तक) में जिले से लापता हुए 161 में से 33 लोगों की ऑपरेशन स्माइल के तहत घर-आंगन में वापसी हो गई है। दो माह पूर्व चले इस अभियान से सात बच्चे, 15 महिलाएं और 11 पुरुष सकुशल घर पहुंचाए गए हैं।
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अपनों की याद में पथराईं आंखें उम्मीदों से चमक उठी हैं। सीओ सिटी और नोडल अधिकारी अमित कुमार सैनी के नेतृत्व में बनीं पांच टीमें बिहार, हरियाणा, हिमाचल और दिल्ली से लापता लोगों को ढूंढकर वापस ले आई है।

टीम में शामिल एसआई कुमकुम धानिक, एएसआई आनंद बल्लभ जोशी, प्रेम बल्लभ जोशी, हरभजन सिंह और कांस्टेबल दीपक भारद्वाज ने दिन-रात की मेहनत से कई टूटते परिवारों को खुशी दी है। मंगलवार को पुलिस बहुउद्देशीय भवन में आयोजित गोष्ठी में सीओ ने सभी स्टेकहोल्डर विभागों और एनजीओ को गुमशुदा लोगों की खोज में अधिक संवेदनशील और समर्पित रहने के निर्देश दिए हैं। संवाद
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कोई डर तो कोई अपनों से नाराज होकर चला गया था

घर छोड़कर गए कुछ नाबालिग होटल में काम करते मिले तो कुछ प्रतिष्ठानों के रिसेपशन में दिन गुजार रहे थे। पुलिस जब तलाशते हुए उनके पास पहुंची तो बताया कि वे ऑनलाइन गेमिंग के झांसे में आकर और परिजनों से नाराज होकर गए थे। परिजनों से बात कराने पर वे मान गए और लौट आए। इनमें कई अब बालिग हो गए हैं। सालों पहले लापता हुईं युवतियां इंस्टाग्राम के माध्यम से किसी के झांसे में आ गई और बहकावे में आकर उनके पास चली गईं इनमें कुछ ऐसी थीं जिन्होंने शादी कहीं और तय करने से नाराज होकर घर छोड़ दिया। ये जहां मिलीं वहां आसानी से दिन गुजार रही थीं।


मारपीट के डर से छोड़ दिया घर

पुरुष व महिलाएं पारिवारिक कलह और अशांति के कारण घर छोड़ गए थे। कुछ ने पुलिस को बताया कि पड़ोस में हल्की फुल्की मारपीट कर दी थी तो भय के कारण वे शहर ही छोड़कर चले गए।

इस साल अब तक 36 परिवारों में लौटी खुशी

इस साल जनवरी से अब तक जिले में 53 लोग लापता हुए हैं। इनमें 18 महिलाएं, 23 पुरुष और 12 नाबालिग शामिल है। ऑपरेशन स्माइल ने मात्र 41 दिनों में 36 लोगों को तलाश कर उनके परिवारों में मुस्कान लौटाई। इनमें दो बालक और नौ बालिकाएं भी शामिल हैं। अधिकतर लोगों ने घर छोड़ने का रास्ता पारिवारिक कलह या रिश्तों में दूरी के कारण चुना था।
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वर्षवार लापता लोगों के आंकड़े

2019: 13

2020: 13

2021: 19

2022: 25

2023: 28

2024: 13

2025: 60
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