हल्द्वानी में पांच जनवरी की रात हुए नितिन हत्याकांड की जांच ने तेजी पकड़ ली है। जिस बंदूक से उसे गोली मारी गई वह पुलिस के कब्जे में है और इसकी बैलिस्टिक जांच होनी है। नितिन लोहनी के शरीर से निकले छर्रे की भी जांच की जाएगी। पुलिस असलहे और छर्रों को जांच के लिए देहरादून स्थित फोरेंसिक लैब भेजने की तैयारी में है।
नितिन लोहनी अपने दाेस्त कमल भंडारी के साथ रविवार रात गौलापार से पार्टी करके घर आ रहा था। लौटते समय वह पार्षद अमित बिष्ट (चिंटू) के बेटे जय से मिलने वार्ड 55 स्थित उसके घर पहुंचा। दोनों में दोस्ती थी। रात करीब साढ़े 11 बजे जब कमल ने डोरबेल बजाई तो पार्षद अमित ने बंदूक से गोली चला दी। इस दौरान एक गोली नितिन की पीठ पर जा लगी और उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों के पैनल ने उसके शरीर से 50 से ज्यादा छर्रे निकालकर सील पैक कर दिए। अब पुलिस बंदूक और छर्रों को बैलिस्टिक जांच के लिए एफएसएल विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून भेजेगी। पुलिस पार्षद के बेटे जय के पास से मिली विदेशी पिस्टल की भी जांच कराएगी।
यह देखा जाना है कि घटना की रात इस पिस्टल से भी कहीं फायरिंग तो नहीं की गई है। पुलिस ने जब जय को पकड़ा था तब पिस्टल के साथ चार जिंदा कारतूस मिले थे। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज में पिस्टल लेकर दौड़ते हुए जय भी दिखा। इन सभी तथ्यों की सत्यता परखने में बैलिस्टिक की जांच रिपोर्ट अहम मानी जा रही है।
मोबाइल की सीडीआर भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस नितिन हत्याकांड की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है। घटनास्थल पर मौजूद सभी लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास जिनकी भी सक्रियता रही है उनकी डिटेल पुलिस एकत्रित कर रही है। हत्यारोपी पिता-पुत्र की पिछले कई दिन की गतिविधि भी जांच के दायरे में है।
हत्यारोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी