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Uk: न्यूज रीडिंग प्रतियोगिता के समारोह में राज्यपाल का बच्चों को संदेश, रील्स नहीं; रीडिंग से बनेगा भविष्य

Tue, 07 Apr 2026 10:14 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी

सार

पंतनगर में आयोजित ‘खबरों के लिटिल मास्टर’ मंडल स्तरीय पुरस्कार समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने कहा कि पढ़ने की आदत ही मजबूत और जागरूक भारत की नींव रखेगी। 
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राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला की खबरों के लिटिल मास्टर की मंडल स्तरीय न्यूज रीडिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करने पहुंचे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि जो व्यक्ति पढ़ने की आदत डालता है वह अपने आप को अलग दिशा में लेकर जाता है। हिंदी अखबार पढ़ने पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि वह पहले अंग्रेजी को महत्व देते थे जबकि उनकी पत्नी हिंदी पढ़ने के लिए प्रेरित करती थीं। जब वह रिटायर हुए तब महसूस हुआ कि अगर भारत की आत्मा को बात करनी है तो हिंदी पढ़नी होगी और हिंदी में बात करनी होगी। उनके इस वक्तव्य पर अधिकारियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने जमकर तालियां बजाई। उन्होंने कहा कि आज डर लगता है कि कहीं मोबाइल, इंटरनेट ने पढ़ने की स्वतंत्रता को खराब या पढ़ने की आदत पर हमला तो नहीं कर दिया। हमें मोबाइल के प्रभाव से मुक्त होने के लिए जागरूक होना पड़ेगा। इंस्टाग्राम और फेसबुक से पूरा ज्ञान नहीं मिलेगा उसके लिए समाज को पढ़ने की कला को विकसित करना होगा। स्पीड रीडिंग पर जोर देते हुए उन्होंने सभी से कहा कि अखबार पढ़ने की आदत जरूर डाले।

पंतनगर विवि के खचाखच भरे सभागार में उन्होंने कहा कि भारतीयों के अंदर जो डीएनए है उसमें कम्प्यूटर की जरूरत नहीं है। यहां तो वेद पुराणों की शिक्षा है और हमने तो पहाड़े तक रट रखे हैं। जीवन में परम ज्ञान प्राप्त करना है तो उसकी एक ही भाषा संस्कृत है। उन्होंने कहा कि विजेता तीनों बच्चों ने कमाल किया है। उन्होंने मंच पर विजेता बच्चों के अभिभावकों को भी बुलाया और तालियां बजवाई। उन्होंने बच्चों से कहा कि वह राष्ट्र की धड़कन हैं। उनसे स्पीड में अखबार पढ़ने की आदत बनाने और एक एक शब्द को समझने को कहा। उन्होंने कहा कि समाचार पत्र सही गलत की दृष्टि देते हैं और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।

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धरती पर आए हो और धरती के बारे में पता नहीं
राज्यपाल ने मौजूद विद्यार्थियों, अभिभावकों से कहा कि पढ़ने की आदत तभी बनेगी जब ललक होगी। जीवन अगर जीना है तो पढ़ने के प्रति पैशन होना जरूरी है। टीवी में देखकर समझ लिया कि सब ज्ञान मिल गया नहीं, समाचार पत्रों में हमें एक ही जगह समग्र चीजें मिल जाती हैं लेकिन तेज तेज पढ़ने की आदत हमें सुबह सुबह बनानी होगी। उन्होंने कहा कि हमें अपने आसपास के अलावा देश दुनिया के बारे में भी पता होना चाहिए। ट्रंप क्या और क्यों कह रहे हैं। ईरान की सोच क्या है, अपने शहर का ट्रेंड क्या है, क्रिकेट में क्या चल रहा है यह सब पता होना चाहिए। धरती पर आए हो और धरती के बारे में पता नहीं, यह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि देश ने एक हजार साल तक अंग्रेजों और मुगलों का साम्राज्य देखा है। इसलिए राष्ट्र को मजबूत होना जरूरी है। राष्ट्र प्रथम है। अगर राष्ट्र है तो समाज है। समाज है तो परिवार है और परिवार है तो हम हैं।

पुस्तकालय से ही उन्हें ज्ञान मिला और जीवन में बदलाव आया
राज्यपाल ने बताया कि जब वह मेजर थे तो पुस्तकालय से पांच-पांच किताबें पढ़ने के लिए ले जाते थे। पुस्तकालय से उन्हें नोटिस मिलता था कि किताबें वापस नहीं की गई। पुस्तकालय से ही उन्हें ज्ञान मिला और उनके जीवन में बदलाव आया। वहां मौजूद कमिश्नर और डीएम की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह भी खूब पढ़ते हैं क्योंकि बिना पढ़े सफलता नहीं मिल सकती है। 31 मिनट के भाषण में राज्यपाल ने कहा कि 2047 तक भारत को विश्व गुरू बनने की ओर ले जाना है लेकिन वाे गुरू कैसे बनेगा जिसने पढ़ा ही नहीं। इसलिए बार बार पढ़ने की आदत डालें।

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जब चाइनीज भाषा नींद में भी पढ़ने लगा
उन्होंने बताया कि उन्हें पढ़ाई के दौरान कभी पंजाबी, कभी अंग्रेजी के बाद एक बार चाइनीज पढ़ने की आदत बन गई। इतना पढ़ा कि सोते-सोते भी चाइनीज पढ़ने लगा। परिवार वाले बोलने लगे कि डॉक्टर को दिखाओ। उनकी इस बात पर मौजूद सभी लोग हंस पड़े।

अमर उजाला के पत्रकारों के सम्मान में खड़े होकर ताली बजवाई
उन्होंने सभागार में मौजूद लोगों से हिंदी न्यूज पेपर पढ़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर न्यूज रीडिंग नहीं करेंगे तो न्यूज पेपर का जीवन भी खत्म हो जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने अमर उजाला के पत्रकारों को पहले खड़ा किया और उनके सम्मान में ताली बजवाई। उसके बाद उन्होंने सभागार में मौजूद लोगों को भी खड़ा किया और फिर से ताली बजवाई।

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