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पारंपरिक खेल से चलेगी कांग्रेस की रेल

Sat, 12 Dec 2015 12:38 AM IST
निशांत खनी/अमर उजाला, हल्द्वानी (नैनीताल)।
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 पारंपरिक खेलकूद के बहाने ही सही मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए यूथ कैडर तैयार करने की हल्द्वानी से शुरुआत कर दी है। पारंपरिक खेलों में प्रतिभाग करने वाले स्कूल-कालेज के 90 फीसदी बच्चे 2017 तक वोटर हो जाएंगे। आनंद रावत के नेतृत्व में यही युवा कांग्रेस की ताकत बनेंगे। 
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युवा वोटर ही निर्णायक की भूमिका में हैं। भाजपा और कांग्रेस के अलावा हर पार्टी युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए तमाम अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री हरीश रावत इसमें एक कदम आगे बढ़कर खेल गए हैं।

युवा पीढ़ी को कांग्रेस से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने अपने बेटे आनंद रावत के नेतृत्व में दाव खेल दिया है। मुख्यमंत्री का यह दाव अचूक और कारगर साबित हो सकता है। ‘नशे के खिलाफ जंग, पारंपरिक खेलों के संघ’ के आयोजन की शुरुआत कर आनंद रावत ने युवा पीढ़ी के दिलों को छुआ है।
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हल्द्वानी में आयोजित तीन दिवसीय पारंपरिक खेलों में 80 स्कूलों के ढाई हजार छात्र एवं छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जबकि पांच हजार से ज्यादा छात्र एवं छात्राएं खेल मैदान तक पहुंचे हैं। खेल मैदान तक पहुंचने वाले 90 फीसदी छात्र एवं छात्राओं की औसत उम्र 16 से 17 साल के बीच हैं।

यानी 2017 के चुनाव तक ये छात्र एवं छात्राएं वोटर बन जाएंगे और अपना पहला मताधिकार करेंगे। पारंपरिक खेलों में प्रतिभाग करने वाले सभी छात्र एवं छात्राओं के मोबाइल नंबर लिए गए हैं, ताकि खेलों के समापन के बाद भी उनसे संपर्क बना रहे।

खेलों में प्रतिभाग करने वाले सभी छात्र एवं छात्राओं को मैडल दिए गए हैं। मैडल में मुख्यमंत्री हरीश रावत की फोटो है और मुख्यमंत्री बतौर मैडल छात्र एवं छात्राओं के घर-घर तक पहुंच गए हैं।

हल्द्वानी में पारंपरिक खेलों में युवाओं के उत्साह देखकर आनंद रावत अब प्रदेश भर में यूथ कैडर तैयार करने जा रहे हैं। युवा ही नहीं बड़ों ने भी आनंद रावत की इस पहल को सराहा है। बड़े-बुजुर्ग भी मैदान तक पहुंचकर खेल देखकर बचपन में लौट रहे हैं।
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