डीएम दीपक रावत ने ग्रामीण सड़क योजना की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने योजना के तहत सड़क प्रस्ताव बनाने में देरी को गंभीरता से लेते हुए आरईएस के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता समेत सभी अभियंताओं के वेतन रोकने के निर्देश सीडीओ को दिए।
उन्होंने कहा कि जब तक आरईएस के अधिकारी बताई गई 32 सड़कों का सर्वे कर प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं करते तब तक वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। रावत ने कहा कि सीएम ने पूर्व में ही निर्देश दिए हैं कि सड़क मार्ग से वंचित राजस्व गांवों को जल्द सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए योजना के तहत वन भूमि रहित ही प्रस्ताव बनाए जाएं।
उन्होंने आरईएस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह तहसील में स्वयं जाकर एसडीएम और तहसीलदारों से मिले तथा खसरा-खतौनी के आधार पर सड़कों के लिए वन भूमि रहित भूमि का चिन्हीकरण करें।
जिन ब्लाकों में राजस्व गांवों को जोड़ने के लिए सड़क निर्माण के लिए वन भूमि रहित भूमि मुहैया नहीं हो पा रही हो, वहां अधिशासी अभियंता लिखित रूप से प्रमाण पत्र देना सुनिश्चित करेंगे, ताकि उन ब्लाकों में गांवों को जोड़ने के लिए वन भूमि के सड़क प्रस्ताव बनाए जा सकें।
डीएम रावत ने कहा कि पहले चरण में हर ब्लाक में एक-एक राजस्व गांव को जोड़ने के लिए सड़क का सर्वे कर प्रस्ताव भेजे जबकि दूसरे फेज में हर ब्लाक में तीन-तीन सड़कों के प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करें।
आरईएस के ईई इंद्र लाल ने कहा कि पहले चरण में नौ सड़कों के प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिसमें से चार मोटर मार्ग स्वीकृत हुए हैं और इनके निर्माण के लिए 32.25 लाख की धनराशि स्वीकृति की गई है।
इसमें रातीघाट-बेतालघाट से गैरखाल मोटर मार्ग निर्माण की लंबाई 1.32 किमी है, जिसके लिए 32.25 लाख की धनराशि स्वीकृति की गई है। इसी क्रम में 375 मीटर लंबे छडै़ल-नाबाद वासुदेवपूरम संपर्क मार्ग के लिए 25 लाख की धनराशि, तल्ली बच्चीनगर में 275 मीटर आंतरिक मार्ग के लिए 9.70 लाख जबकि रामनगर-लालढांग मोटर मार्ग से सिमलखलिया संपर्क मार्ग जिसकी लंबाई 976 मीटर है 62.76 लाख की धनराशि स्वीकृत हुई है, शेष पांच सड़क मार्ग में वन भूमि होने की वजह से प्रस्ताव निरस्त कर दिए गए हैं।
डीएम ने तीन दिन के भीतर चार सड़कें वन भूमि रहित सर्वे कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा डीएम ने कहा कि जब तक सभी 32 सड़कों का प्रस्ताव नहीं दे दिया जाता तब तक आरईएस के सभी अभियंताओं का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा।
बैठक में सीडीओ एलएम रयाल, एडीएम प्रशासन यूएस राणा, एसडीएम आशीष चौहान, कोश्याकुटौली के चंद्र सिंह मर्तोलिया, धारी के राकेश कुमार तिवारी, रामनगर के एसएस जंगपांगी, प्रभारी अधिकारी शिव चरण दिवेदी, तहसीलदार मोहन बिष्ट आदि मौजूद थे।