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आरएफसी दफ्तर में ठेकेदारों का हंगामा

Sat, 11 Apr 2015 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
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आरएफसी दफ्तर में शुक्रवार को हैंडलिंग एवं स्थानीय परिवहन के टेंडर में चार फाइनेंशियल बिट निरस्त किए जाने से गुस्साए ठेकेदारों ने जमकर हंगामा किया, लेकिन टेंडर कमेटी ने खामियों और अभिलेख पूर्ण न होने पर उनकी फाइनेंशियल बिट को मानने से इनकार कर दिया। इस मामले को लेकर आरएफसी दफ्तर में कई घंटे गहमागहमी का माहौल रहा। विभाग ने जांच-पड़ताल में एक निविदा में एक ही आरसी पर ट्रक के दो अलग-अलग नंबर चढ़े होने का मामला भी पकड़ा है।
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नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, टनकपुर, रामनगर, हल्द्वानी समेत 12 स्थानों पर खाद्य आपूर्ति के गोदामों तक चीनी एवं खाद्यान्न पहुंचाने के लिए हैंडलिंग एवं स्थानीय परिवहन तथा रेगुलर परिवहन के संभागीय खाद्य नियंत्रक कार्यालय में 30 मार्च को टेंडर आमंत्रित किए गए थे, जो उसी दिन खोले जाने थे। इसमें टेक्निकल एवं फाइनेंशियल बिट अलग-अलग खोली जानी थी, लेकिन नौ निविदा दाताओं द्वारा टेंडर कमेटी से पहले टेक्निकल बिट के अभिलेखों की जांच-पड़ताल कराने की मांग की थी।

विभाग ने जब इनकी जांच कराई तो ऊधमसिंह नगर के डीएम और एआरटीओ कार्यालय से कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए। इस पर शुक्रवार को जब टेंडर कमेटी ने फाइनेंशियल बिट खोलने की कार्यवाही की तो खामियों के आधार पर चार आवेदकों की निविदा खारिज कर उनकी फाइनेंशियल बिट नहीं खोली गई, जिस पर संबंधित ठेकेदारों ने कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस फोर्स भी वहां पहुंच गया तथा हंगामा करने वाले ठेकेदारों को दफ्तर से बाहर कर दिया गया।
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टेंडर कमेटी के अध्यक्ष संभागीय वरिष्ठ वित्त अधिकारी (खाद्य) वीरेंद्र कुमार ने बताया कि भारवाहक एवं श्रमिक कल्याण समिति गदरपुर समेत चार लोगों की निविदाएं अस्वीकार की गई हैं। उन्होंने बताया कि टेक्निकल बिट में लगे अभिलेखों की जांच कराई तो एक ट्रक की आरसी फर्जी पाई गई। एक आरसी पर दो वाहन दर्ज पाए गए, इस कारण इस निविदा को खारिज कर दिया गया। उन्होंने बताया कि ऊधमसिंह नगर के डीएम कार्यालय से एक व्यक्ति के चरित्र प्रमाणपत्र का सत्यापन कराने पर उस पर कई धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की बात सामने आई, मगर आरोप सिद्ध न होने पर उसे टेंडर प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया।

उन्होंने बताया कि भारवाहक एवं श्रमिक कल्याण समिति की निविदा इस आधार पर अस्वीकार की गई है कि संबंधित विभाग ने इस समिति को चैरिटेबिल ट्रस्ट माना है इसलिए यह समिति कोई भी व्यावसायिक कार्य नहीं कर सकती। कमेटी में डिप्टी आरएमओ केसी पंत, एएओ यूएस डांगी और डीएसओ शामिल थे। वहीं, नवतेजपाल सिंह और विश्नोई ट्रांसपोर्ट के सचिव ने आरएफसी को ज्ञापन देकर टेंडर प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए पुन: टेंडर आमंत्रित करने की मांग की।
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