ड्यूटी से नदारद डाक्टर और मारपीट के आरोप का मामला अनुशासन समिति तक पहुंच गया है। हालांकि पीजी जेआर तृतीय के डाक्टर अमित सिंह ने स्वीकार लिया है कि वह ड्यूटी से नदारद थे। अनुशासन समिति ने डाक्टरों समेत मौके पर मौजूद अन्य लोगों का बयान दर्ज किया।
शनिवार को सुशीला तिवारी अस्पताल की इमरजेंसी में पीजी जेआर तृतीय डा. अमित सिंह की ड्यूटी थी। सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. राजीव सिंह आनकाल गंभीर मरीज को देखने पहुंचे थे। इमरजेंसी से डा. अमित सिंह नदारद थे।
फोन कॉल रिसीव करने के डेढ़ घंटे बाद पहुंचने पर एसोसिएट प्रोफेसर डा. सिंह ने डा. अमित को फटकार लगाई थी और अनुशासन के साथ ड्यूटी करने की नसीहत दी थी। डा. अमित ने डा. सिंह पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए सर्जरी विभाग के एचओडी डा. केएस शाही से शिकायत की थी।
एचओडी डा. शाही ने अपने स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की और मामला प्राचार्य को रेफर कर दिया था। अनुशासन समिति के समक्ष डा. राजीव सिंह और डा. अमित सिंह ने एक-दूसरे पर नशे में धुत होने का आरोप लगाया।
समिति ने डा. यतींद्र, डा. अमित जैन और अजय शेखावत के बयान लिए। तीनों ने बयान में मारपीट की घटना होने से इंकार किया। जबकि डा. शहनवाज हुसैन ने मारपीट होने की बात कही। डा. अमित ने कहा कि डा. राजीव सिंह को दो बार फोन किया था मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया।
उधर डा. राजीव सिंह ने इमरजेंसी में पहुंचकर डा. अमित को फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। काफी देर काल करने के बाद बोले कैंटीन में हूं। डा. राजीव ने कैंटीन में जाकर देखा तो डा. अमित वहां नहीं थे।
समिति में डा. आरजी नौटियाल ने जब डा. अमित से पूछा कि वह कहां थे तो डा. अमित कोई जवाब नहीं दे सके। उन्होंने स्वीकार किया कि ड्यूटी में तैनात अन्य साथियों के लिए रेस्टारेंट से खाना लाने गए थे।
समिति ने डा. अमित सिंह के माता-पिता को भी बुलाया था। समिति में प्राचार्य डा. सीपी भैंसोड़ा, डा. आरजी नौटियाल, डा. केएस शाही, डा. विनीता रावत, डा. नवीन थपलियाल एवं डा. संजय गौड़ थे।
अनुशासन समिति मामले की जांच कर रही है। सभी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। डा. अमित ने स्वीकार किया है कि ड्यूटी से नदारद थे। समिति की रिपोर्ट आने के बाद डा. अमित के खिलाफ कार्रवाई करने पर निर्णय लिया जाएगा।
- डा. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज